

कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के भीतर चार्टर्ड विमान और हेलीकॉप्टर खर्च को लेकर चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग में जमा पार्टी की नवीनतम ऑडिट रिपोर्ट ने नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वित्त वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान पार्टी ने विमान एवं हेलीकॉप्टर किराये पर कुल 93.68 करोड़ रुपये खर्च किए।
इनमें 2023-24 में 56.33 करोड़ रुपये और 2024-25 में 37.34 करोड़ रुपये खर्च हुए। रिपोर्ट के मुताबिक 2024-25 में पार्टी की कुल आय 219.35 करोड़ रुपये रही, जबकि कुल व्यय 227.59 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। परिणामस्वरूप तृणमूल कांग्रेस को 8.24 करोड़ रुपये के घाटे का सामना करना पड़ा।
इसके विपरीत, पिछले वित्त वर्ष में पार्टी ने 414.91 करोड़ रुपये का अधिशेष दर्ज किया था। विश्लेषकों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद इलेक्टोरल बॉण्ड व्यवस्था समाप्त होने से चंदे में भारी गिरावट आई है। 2023-24 में जहां पार्टी को 618.08 करोड़ रुपये का चंदा मिला था, वहीं 2024-25 में यह घटकर 184.08 करोड़ रुपये रह गया।
सूत्रों के अनुसार, लोकसभा चुनाव वाले वर्ष 2024-25 में तृणमूल का कुल चुनावी खर्च 137.58 करोड़ रुपये था। इसमें केवल विमान और हेलीकॉप्टर पर 37.34 करोड़ रुपये, यानी कुल चुनावी खर्च का लगभग 27 प्रतिशत व्यय किया गया।
हालांकि, ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार 31 मार्च 2025 तक पार्टी के बैंक खातों, नकदी और अन्य चालू परिसंपत्तियों का कुल मूल्य 681.12 करोड़ रुपये था। इसके बावजूद संगठन के भीतर धन की कमी और खर्च की प्राथमिकताओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।