हॉकरों को हटाने के विरोध में सड़क पर उतरीं ममता

बेदखली अभियान के खिलाफ सड़कों पर उमड़ी भीड़
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कोलकाता : सियालदह और हावड़ा स्टेशन समेत विभिन्न इलाकों में चल रहे हॉकर हटाओ अभियान के विरोध में तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी बुधवार को एक बार फिर सड़क पर उतरीं। उन्होंने धर्मतल्ला में आयोजित मानव श्रृंखला और विरोध मार्च में हिस्सा लिया।

गले में प्लेकार्ड लटकाए हजारों समर्थक उनके साथ प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान कुणाल घोष, डोला सेन, वैश्वानर चट्टोपाध्याय समेत तृणमूल के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस कार्यक्रम की पहले से कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई थी।

बुधवार की सुबह ममता बनर्जी ने कुछ करीबी नेताओं के साथ हॉकरों से मुलाकात करने और पुनर्वास के बिना उन्हें हटाये जाने का विरोध करने की आवश्यकता पर चर्चा की थी, लेकिन अपने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा नहीं की थी। दोपहर बाद वह कालीघाट स्थित अपने आवास से निकलकर सीधे धर्मतल्ला पहुंचीं। उनके पहुंचते ही बड़ी संख्या में समर्थक और आम लोग वहां जुट गए।

इसके बाद धर्मतल्ला से सुबोध मल्लिक स्क्वायर तक मानव श्रृंखला बनाई गई और विरोध मार्च निकाला गया। तृणमूल कांग्रेस लगातार यह मांग करती रही है कि छोटे व्यापारियों और हॉकरों को वैकल्पिक व्यवस्था या पुनर्वास उपलब्ध कराए बिना उन्हें नहीं हटाया जाना चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी हाल के दिनों में कई विरोध कार्यक्रम आयोजित कर चुकी है।

कुछ दिन पहले सियालदह के प्राची सिनेमा हाल के सामने भी तृणमूल नेताओं ने धरना-प्रदर्शन किया था। हालांकि इस दिन सुबोध मल्लिक स्क्वायर पहुंचकर मार्च समाप्त होने के बाद ममता ने कोई सार्वजनिक सभा नहीं की, जिससे राजनीतिक हलकों में विभिन्न तरह की अटकलें तेज हो गई हैं। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, "दीदी की मौजूदगी ही सबसे महत्वपूर्ण संदेश है। आने वाले दिनों में इस तरह के और भी कार्यक्रम आयोजित किए जाने की उम्मीद है।"

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