

कोलकाता : टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद पार्टी को नये सिरे से खड़ा करने का संकल्प लिया है। 294 सीटों में से केवल 80 सीटें जीतकर तृणमूल कांग्रेस सत्ता से विपक्ष में पहुंच गई है। भवानीपुर सीट से खुद ममता बनर्जी की हार ने पार्टी को बड़ा झटका दिया।
हालांकि, शनिवार को कालीघाट स्थित अपने आवास पर पराजित उम्मीदवारों और जिला नेताओं के साथ बैठक में ममता ने साफ कहा कि जो लोग पार्टी छोड़ना चाहते हैं, वे जा सकते हैं। उन्होंने कहा, “मैं किसी को रोकूंगी नहीं। जो लोग साथ रहेंगे, वही असली ताकत हैं। मैं पार्टी को फिर से खड़ा करूंगी।” बैठक में अभिषेक बनर्जी भी मौजूद थे।
ममता ने नेताओं को सार्वजनिक रूप से पार्टी के खिलाफ बयान देने से बचने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत को पार्टी मंच पर ही रखा जाए। ममता ने सभी पार्टी कार्यालयों की मरम्मत और रंगाई कराने का निर्देश दिया। उन्होंने यहां तक कहा कि जरूरत पड़ने पर वह स्वयं भी पार्टी कार्यालयों में रंगाई करेंगी।
अगले सात दिनों के भीतर सभी जिलों से संगठन की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। इसके अलावा ब्लॉक, टाउन और क्षेत्र स्तर पर छोटी-छोटी रैलियां और बैठकों की शुरुआत करने के निर्देश दिए गए हैं। चुनाव बाद हिंसा के कारण घर छोड़ने वाले कार्यकर्ताओं की सूची सीधे कालीघाट भेजने को कहा गया है।
कानूनी सहायता की जिम्मेदारी चंद्रिमा भट्टाचार्य को सौंपी गई है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बैठक तृणमूल के संगठनात्मक पुनर्गठन की शुरुआत मानी जा रही है। शनिवार को ममता बनर्जी तृणमूल समर्थक वकीलों और पार्टी के लीगल सेल के एक हिस्से के साथ भी बैठक करेंगी।