

कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर विवाद और गहरा गया है। ममता बनर्जी के वफादार माने जाने वाले कालीघाट समर्थक गुट ने ऋतब्रत बंद्योपाध्याय गुट के खिलाफ पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न के कथित अवैध इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए पुलिस में दो अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई हैं।
शिकायत में जालसाजी, धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, भ्रामक जानकारी फैलाने और पार्टी के महत्वपूर्ण दस्तावेजों के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ये शिकायतें कोलकाता पुलिस के कालीघाट और साल्टलेक थानों में दर्ज कराई गई हैं।
विधानसभा में विपक्ष के मुख्य सचेतक अखरुज्जामान ने कहा कि कानून अपना काम करेगा और समय आने पर सभी सवालों के जवाब मिल जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग राजनीतिक दल बनाने की कानूनी प्रक्रिया तक नहीं जानते, वही आज बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं। उनका कहना है कि चुनाव आयोग में जमा दस्तावेजों की वास्तविकता भी जल्द सामने आएगी।
इधर, 21 जुलाई के शहीद दिवस कार्यक्रम को लेकर भी सियासी टकराव तेज हो गया है। कालीघाट समर्थक गुट ने धर्मतला स्थित विक्टोरिया हाउस के सामने सभा आयोजित करने की अनुमति के लिए कोलकाता पुलिस को आवेदन दिया है। दूसरी ओर, इस रैली को लेकर दायर जनहित याचिका और हाईकोर्ट की ओर से जारी नोटिस के बीच राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तृणमूल कांग्रेस की यह लड़ाई अब केवल संगठनात्मक वर्चस्व तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि पार्टी के नाम, चुनाव चिह्न और कानूनी अधिकारों को लेकर निर्णायक संघर्ष का रूप ले चुकी है। अब सबकी निगाहें चुनाव आयोग और अदालत की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं, जो इस विवाद की दिशा तय कर सकती है।