टिकट देकर गलती की, माफी मांगती हूं : ममता बनर्जी

ऋतब्रत-संदीपन पर बरसीं ममता, जनता से मांगी माफी
ममता बनर्जी
ममता बनर्जी
Published on

कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस से विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा के निष्कासन के बाद पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने दोनों नेताओं पर तीखा हमला बोला। फेसबुक लाइव के दौरान बिना नाम लिए ऋतब्रत पर निशाना साधते हुए ममता ने कहा, “वह एक सिद्धांतहीन व्यक्ति हैं। इस मामले में मैं सीपीएम की सराहना करती हूं कि उसने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था। हमने उन्हें सांसद और विधायक बनाया। उन्होंने टिकट के लिए काफी आग्रह किया था। मैं हावड़ा में एक व्यक्ति का टिकट काटकर उन्हें उम्मीदवार बनाया था। इसके लिए मैं सभी से हाथ जोड़कर माफी मांगती हूं।”

संदीपन साहा पर भी कटाक्ष करते हुए ममता ने कहा कि जो लोग आज बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, वे पहले कई चुनाव हार चुके हैं। उन्होंने कहा कि काफी अनुरोध के बाद ही उन्हें तृणमूल का टिकट दिया गया था। ममता ने आरोप लगाया कि कुछ विधायक और सांसद डर या लालच में पार्टी छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। उनके अनुसार, भाजपा और पुलिस मिलकर तृणमूल को कमजोर करने की साजिश रच रही हैं। उन्होंने दावा किया कि चार विधायकों ने उनसे शिकायत की है कि उन्हें बैठकों में शामिल होने पर आर्म्स एक्ट या अन्य मामलों में फंसाने की धमकी दी जा रही है।

भविष्य में पार्टी और अधिक मजबूत होकर उभरेगी

तृणमूल सुप्रीमो ने कहा कि पार्टी छोड़ने वाले नेताओं का यह आरोप गलत है कि उन्हें अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिला। उन्होंने कहा कि वह नियमित रूप से कालीघाट स्थित कार्यालय में बैठती हैं और नेताओं व कार्यकर्ताओं की शिकायतें सुनती रही हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग अब पार्टी छोड़ रहे हैं, वे केवल सत्ता के साथ रहना चाहते हैं।अभिषेक बनर्जी का जिक्र करते हुए ममता ने कहा कि उन पर हमला हुआ, लेकिन उन्होंने संघर्ष करना नहीं छोड़ा।

उन्होंने दावा किया कि कुछ विधायकों या सांसदों को खरीदकर अथवा डराकर तृणमूल को कमजोर नहीं किया जा सकता। ममता ने यहां तक कहा, “कुछ लोग सोचते हैं कि अगर मैं अभिषेक को हटा दूं तो वे वापस आ जाएंगे, लेकिन तृणमूल किसी व्यक्ति पर नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं की ताकत पर चलती है।” उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी आने वाले दिनों में और अधिक मजबूत होकर उभरेगी।

Google पर संवाद सर्च बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in