ममता बनर्जी आज भी हमारी नेता हैं: ऋतब्रत

बोले - अपनी मूल पहचान खो चुकी है तृणमूल
ऋतब्रत बनर्जी
ऋतब्रत बनर्जी
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कोलकाता : बंगाल की राजनीति में मंगलवार को उस समय हलचल तेज हो गई जब तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने पार्टी नेतृत्व और संगठन की कार्यशैली पर तीखे सवाल उठाए। विधानसभा परिसर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज भी उनकी नेता हैं, लेकिन पार्टी “अपनी मूल राजनीतिक पहचान खो चुकी है।”

ऋतब्रत ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस अब पहले जैसी नहीं रही और संगठनात्मक फैसले “कॉरपोरेट स्टाइल” में लिए जा रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पार्टी अब जमीनी राजनीति से दूर होकर एक अलग दिशा में जा रही है। सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

उनका कहना था कि संगठन में हाल के वर्षों में बदलाव के बाद आंतरिक लोकतंत्र कमजोर हुआ है और निर्णय प्रक्रिया सीमित लोगों के हाथों में सिमट गई है। ‘हस्ताक्षर कांड’ का जिक्र करते हुए ऋतब्रत ने दावा किया कि 6 मई की बैठक में केवल उपस्थिति दर्ज हुई थी, लेकिन बाद में उसी को प्रस्ताव में बदल दिया गया।

उन्होंने इसे “प्रक्रियात्मक गड़बड़ी” बताते हुए गंभीर जांच की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि वह लंबे समय से भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। ऋतब्रत के अनुसार, चुनावी प्रक्रिया के दौरान भी कई स्तरों पर अनियमितताएं सामने आईं, जिन पर पार्टी नेतृत्व ने ध्यान नहीं दिया।

भाजपा द्वारा लगाए गए 50 विधायकों के कथित समर्थन वाले दावे को उन्होंने खारिज करते हुए इसे “अफवाह” बताया और कहा कि उनका ध्यान केवल विधानसभा के कामकाज पर है। ऋतब्रत के इन बयानों से राज्य की सियासत में नया विवाद खड़ा हो गया है और तृणमूल के भीतर असंतोष की चर्चा फिर तेज हो गयी है।

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