चुनाव चिन्ह फ्रीज होने पर ममता बनर्जी का पलटवार

कहा- संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करती हूं
Kolkata
ममता बनर्जी का पलटवार
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कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस के नाम और पारंपरिक ‘फूल और घास’ चुनाव चिन्ह को चुनाव आयोग द्वारा अस्थायी रूप से फ्रीज किए जाने के बाद ममता बनर्जी ने आयोग के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि वह चुनाव आयोग सहित देश की सभी संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करती हैं, लेकिन उन व्यक्तियों का सम्मान नहीं कर सकतीं, जिनके बारे में उनका मानना है कि वे केवल भाजपा के राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए काम कर रहे हैं।

ममता बनर्जी ने आयोग के फैसले को लोकतांत्रिक इतिहास का “काला दिन” बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी अपने मूल नाम और चुनाव चिन्ह पर दावा जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस को लंबे राजनीतिक संघर्ष और संगठनात्मक मेहनत से खड़ा किया गया है, इसलिए वह इसे छोड़ने वाली नहीं हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी इस फैसले के खिलाफ राजनीतिक, लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से लड़ाई जारी रखेगी।

दरअसल, तृणमूल कांग्रेस के भीतर दो गुटों के बीच पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर विवाद के बाद चुनाव आयोग ने मूल नाम और प्रतीक को फिलहाल फ्रीज कर दिया है।

आगामी उपचुनावों के लिए ममता बनर्जी के गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिन्ह दिया गया है, जबकि दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ प्रतीक आवंटित किया गया है।

ममता ने इस पूरे घटनाक्रम को विपक्षी दलों को कमजोर करने की व्यापक कोशिश से भी जोड़ा है। हालांकि, भाजपा और चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों की अलग-अलग प्रतिक्रिया सामने आई है; इसलिए इन दावों को ममता बनर्जी के राजनीतिक आरोप के रूप में देखा जाना चाहिए।

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