

कोलकाता : दक्षिण कोलकाता के पॉश इलाकों में नौकर बनकर घरों में घुसने और सोने-हीरे की ज्वेलरी चुराने वाला कुख्यात चोर राजू यादव के गैंग के सदस्य को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अभियुक्त का नाम विजय वर्मा है। लालबाजार के खुफिया अधिकारियों ने झारखंड से उसे पकड़ा है। राजू यादव मामूली कपड़ों में गरीब नौकर जैसा दिखता था। वह भवानीपुर, बालीगंज, ईस्ट जादवपुर जैसे अमीर इलाकों में घूम-घूमकर उन घरों की तलाश करता था जहां नौकरों की कमी हो। मीठी-मीठी बातें करके वह घरवालों को यह विश्वास दिलाता था कि वह बहुत कम तनख्वाह में सारे काम कर लेगा। घरवाले मान जाते तो कुछ दिन नौकर बनकर रहता, घर की पूरी जानकारी लेता और फिर मौका पाकर अलमारी का ताला तोड़कर सोने-हीरे की ज्वेलरी व नकदी लेकर फरार हो जाता।
क्या है पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, भवानीपुर में एक व्यापारी के घर से करीब साढ़े चार लाख रुपये की ज्वेलरी चोरी करने के बाद लालबाजार डिटेक्टिव विभाग ने राजू को गिरफ्तार कर लिया था। शुरुआत में पुलिस को यह समझ नहीं आ रहा था कि इतनी बड़ी मात्रा में चोरी का माल वह कहां छिपा रहा है। उसके सेंट्रल कोलकाता स्थित ठिकानों की तलाशी भी बेकार गई। आखिरकार राजू के मोबाइल की जांच से झारखंड निवासी विजय वर्मा का नाम सामने आया। पता चला कि चोरी का नकद राजू खुद खर्च करता था, लेकिन सारी ज्वेलरी वह विजय को स्मगल कर देता था। कई बार तो ट्रेन में ही माल सौंप दिया जाता था और बदले में विजय उसे नकदी देता था। इसके बाद राजू फिर कोलकाता लौटकर नया शिकार ढूंढता था। इस सुराग के आधार पर लालबाजार के जासूसों की टीम ने झारखंड में छापा मारा। सर्द रात में विजय वर्मा के घर व गली को घेर लिया गया। भागने की कोशिश के दौरान विजय पिछले दरवाजे से निकलते ही पकड़ा गया।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि विजय वर्मा को कोलकाता लाया जा रहा है। उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है और चोरी की ज्वेलरी बरामदगी की उम्मीद है। राजू यादव का असली घर झारखंड में है, लेकिन उसका मुख्य अड्डा कोलकाता के बड़ाबाजार इलाके में था। यही वजह है कि वह अपराध साउथ कोलकाता में करता था ताकि पुलिस को शक न हो। लालबाजार डिटेक्टिव विभाग अब राजू यादव के पूरे नेटवर्क को खंगाल रहा है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही चोरी का सारा माल बरामद कर लिया जाएगा।