

रामबालक, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : नरेंद्रपुर के खेयादह नाजीराबाद में हुई भीषण आगजनी की घटना के बाद महेशतला पुलिस-प्रशासन अब किसी तरह का जोखिम पटाखा निर्माण करने वाले इलाके में नहीं लेना चाहता है। इसी कारण महेशतला इलाके में स्थित पटाखा निर्माण और बिक्री से जुड़े कारखानों में छापेमारी की गई। विशेष रूप से उन मोहल्लों में छापेमारी की जा रही है, जहां घरों के भीतर ही पटाखे बनाए जाते हैं। महेशतला के पुटखाली इलाके में बड़ी संख्या में घरों के अंदर पटाखा निर्माण किया जाता है और वहीं कच्चे माल का अवैध भंडारण भी होता है। इसी वजह से पहले भी कई बार विस्फोट की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें जानमाल का नुकसान हुआ है। अब हालात बदले हैं या नहीं, इसकी जांच के लिए पुलिस की ओर से यह अभियान चलाया जा रहा है। हाल ही में पुटखाली पटाखा पाड़ा में विशेष टास्क फोर्स ने अचानक छापा मारा। पुलिस और रैफ को देखकर अधिकांश पटाखा व्यवसायी अपनी दुकानें बंद कर मौके से फरार हो गए थे। हालांकि टास्क फोर्स के अधिकारियों ने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य यह जांचना था कि व्यवसायी नियमों और तय प्रक्रिया के तहत पटाखा निर्माण और बिक्री कर रहे हैं या नहीं। इसके तहत लाइसेंस की वैधता, स्वीकृत मात्रा के अनुसार बारूद और मसाले का भंडारण, तथा अग्नि-निरोधक व्यवस्था की भी जांच की जा रही है। इस इलाके के छोटे पटाखा व्यवसायों में सुरक्षा मानकों पर नजर रखने के लिए ही इस विशेष टास्क फोर्स का गठन किया गया है। आने वाले दिनों में इस निगरानी को और सख्त किया जाएगा। नुंगी पटाखा बाजार के लिए पहले ही एक क्लस्टर विकसित करने हेतु जमीन चिह्नित की जा चुकी है। जल्द ही इस क्लस्टर के माध्यम से छोटे व्यवसायियों को एक स्थान पर लाकर पटाखा निर्माण और बिक्री की बेहतर व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि कई पटाखा व्यवसायियों ने लाइसेंस के लिए आवेदन किया है, लेकिन अब तक उन्हें उसकी हार्ड कॉपी नहीं मिली है। इस मुद्दे को संबंधित विभाग के समक्ष उठाया जाएगा। महेशतला थाने के इंस्पेक्टर-इन-चार्ज तापस सिन्हा ने कहा कि अभियान हर रोज चलाया जा रहा है। इस मौके पर अवैध रूप से पटाखा निर्माण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।