

रामबालक, सन्मार्ग संवाददाता
गंगासागर: माघी पूर्णिमा को लेकर एक बार फिर सागरतीर्थ में रौनक लौटने लगी है। गंगासागर मेले की गहमागहमी अभी थमी भी नहीं थी कि माघी पूर्णिमा के दिन पुण्य स्नान के लिए हजारों श्रद्धालु गंगासागर पहुंचने लगे हैं। संभावित रिकॉर्ड भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही उच्चतम सतर्कता बरतना शुरू कर दिया है। आज से माघी पूर्णिमा का विशेष पुण्य स्नान आरंभ होगा। जिला प्रशासन के अनुमान के अनुसार इस वर्ष भी लाखों भक्तों के जुटने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए पूरे इलाके को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के घेरे में लिया गया है। सागर ब्लॉक अधिकारी कन्हैया कुमार राय ने बताया कि भारी संख्या में पुलिस बल और सिविल डिफेंस कर्मियों की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जा रही है। शनिवार की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंद्रहवीं तिथि को आने वाली पूर्णिमा को माघ पूर्णिमा या माघी पूर्णिमा कहा जाता है। इस तिथि पर स्नान, दान और जप को अत्यंत फलदायी माना जाता है। पौष मास की पूर्णिमा से लेकर माघ पूर्णिमा तक कई श्रद्धालु नियमित रूप से पुण्य स्नान करते हैं और माघ पूर्णिमा के दिन अंतिम स्नान किया जाता है। लोगों का विश्वास है कि माघ पूर्णिमा का स्नान सुख, सौभाग्य और धन प्रदान करता है। इसी कारण हर वर्ष हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन ने कई व्यवस्थाएं की हैं। रात्रि विश्राम हेतु अस्थायी यात्री निवास बनाए गए हैं। पर्याप्त अस्थायी शौचालय, वस्त्र बदलने के कक्ष और पेयजल की व्यवस्था की गई है। भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त बस सेवाएं चलाई जा रही हैं, वहीं जलमार्ग पर भी जहाजों की संख्या बढ़ाई गई है। समुद्र तट की स्वच्छता बनाए रखने के लिए सागर प्रहरी तैनात किए गए हैं। टॉयलेट की संख्या बढ़ाई गई है, लाइटिंग की व्यवस्था की गई है और बेसल व बार्ज की संख्या भी बढ़ाई गई है। एनजीओ भी कई सक्रिय हैं।
कपिल मुनि आश्रम क्षेत्र में पहले ही श्रद्धालुओं का आवागमन शुरू हो चुका है। सुरक्षा के मद्देनज़र महत्वपूर्ण स्थानों पर बांस के बैरिकेड लगाए गए हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालु बिना किसी बाधा के स्नान और पूजा-अर्चना कर सकें और सुरक्षित अपने घर लौटें। भीड़ होने का कारण यह है कि गंगासागर मेला के दौरान जो लोग पहुंच नहीं पाए थे, वे अब पहुंच रहे हैं। इसके अलावा वीकेंड होने के कारण तीर्थयात्रियों की भीड़ और बढ़ गई है।