कम नामांकन वाले मदरसों की होगी विशेष जांच

मदरसा शिक्षा निदेशालय ने जिला निरीक्षकों से मांगी रिपोर्ट
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कोलकाता : पश्चिम बंगाल मदरसा शिक्षा निदेशालय ने राज्य के विभिन्न जिलों में शून्य या बेहद कम छात्र संख्या वाले मदरसों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए विशेष निरीक्षण का निर्देश दिया है। इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षकों (माध्यमिक) और जिला अल्पसंख्यक विकास अधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।

निदेशालय के अनुसार, मदरसा मैनेजमेंट पोर्टल के आंकड़ों में कई मदरसों में एक भी छात्र के नामांकन नहीं होने तथा कुछ संस्थानों में अत्यंत कम प्रवेश दर्ज होने की जानकारी मिली है। ऐसे में इन आंकड़ों की सत्यता की जांच के साथ-साथ पिछले वर्षों की नामांकन प्रवृत्ति का भी विश्लेषण किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान यह भी देखा जाएगा कि कम या शून्य नामांकन के पीछे क्या कारण हैं, शिक्षकों एवं अन्य कर्मचारियों की सेवाओं का उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है और छात्र संख्या बढ़ाने के लिए संबंधित मदरसों ने कोई विशेष पहल की है या नहीं। निदेशालय ने इसके लिए एक निर्धारित प्रारूप भी भेजा है, जिसमें सभी तथ्य, निरीक्षण संबंधी टिप्पणियां और सुझाव दर्ज करने होंगे।

यह निर्देश बांकुड़ा, बीरभूम, कूचबिहार, दक्षिण दिनाजपुर, हुगली, हावड़ा, कोलकाता, मालदा, मुर्शिदाबाद, नदिया, उत्तर 24 परगना, पश्चिम मेदिनीपुर, पूर्व बर्दवान, पूर्व मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना और उत्तर दिनाजपुर सहित 16 जिलों के अधिकारियों को भेजा गया है। रिपोर्ट में वर्ष 2025 और 2026 के नामांकन का ब्यौरा भी शामिल करना होगा।

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