अब राजनीति से घुटन होती है : मदन मित्र

राजनीति छोड़ने के दिए संकेत, जताई निराशा
मदन मित्रा
मदन मित्रा
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कोलकाता : पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ नेता और कमरहट्टी के विधायक मदन मित्र ने राजनीति को लेकर गहरी निराशा व्यक्त की है। ऋतब्रत बंद्योपाध्याय गुट में शामिल हुए मदन मित्र ने कहा कि अब उन्हें राजनीति में घुटन महसूस होने लगी है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि वह अगला चुनाव नहीं जीतते हैं तो सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने पर गंभीरता से विचार करेंगे।

हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा करीब साढ़े सात घंटे तक पूछताछ किए जाने के बाद मीडिया से बातचीत में मदन मित्र ने कहा कि पहले समाज में राजनेताओं को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता था, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं।

उन्होंने कहा कि पहले लोग नेताओं का आदर करते थे, उनसे आशीर्वाद लेते थे और सामाजिक आयोजनों में विशेष रूप से आमंत्रित करते थे, जबकि अब शादी-ब्याह जैसे कार्यक्रमों में भी नेताओं को बुलाने से लोग बचते हैं। उनके अनुसार, राजनीति के नैतिक मूल्य लगातार गिरते जा रहे हैं।

मदन मित्र ने कहा, "अब लगता है कि यदि मैं पत्रकारिता या प्रोफेसरी में गया होता तो शायद ज्यादा संतुष्ट रहता। जितना समय बीत रहा है, राजनीति से उतनी ही घृणा होने लगी है।" उन्होंने यह भी कहा कि वह मानसिक तनाव और घुटन महसूस कर रहे हैं।

उनके शब्दों में, "मैं खुद भी समझ नहीं पा रहा हूं कि इस समय मैं किस राजनीतिक दल में हूं। मैं बेहद निराश हूं।" उनके इस बयान को बंगाल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

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