सरकारी अस्पतालों में खुलेंगे 'मां आहार केंद्र'

5 रुपये में मिलेगा पौष्टिक भोजन
Kolkata
फाइल फोटो
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कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार ने सरकारी अस्पतालों और अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आने वाले मरीजों, उनके परिजनों और जरूरतमंद लोगों को सस्ता एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बड़ा फैसला लिया है।

इस फैसले के तहत सरकार अब सरकारी अस्पतालों में 'मां आहार केंद्र' शुरू करेगी। इन केंद्रों पर मात्र 5 रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का उद्देश्य इलाज के लिए दूर-दराज से आने वाले लोगों पर भोजन का आर्थिक बोझ कम करना और उन्हें स्वच्छ व संतुलित भोजन उपलब्ध कराना है।

अस्पतालों में मिलेगी सस्ती और पौष्टिक थाली

राज्य सरकार के अनुसार, 'मां आहार केंद्र' सरकारी अस्पताल परिसरों या उनके निकट स्थापित किए जाएंगे। यहां मरीजों के परिजनों, बाहरी मरीजों और जरूरतमंद लोगों को कम कीमत पर भोजन मिलेगा। भोजन का मेन्यू इस तरह तैयार किया गया है कि लोगों को संतुलित और पौष्टिक आहार मिल सके।

मेन्यू में मछली, अंडा और शाकाहारी भोजन

सरकार की योजना के अनुसार, सप्ताह में अलग-अलग दिनों में अलग-अलग प्रकार का भोजन परोसा जाएगा। दो दिन मछली-भात, दो दिन अंडा-भात और दो दिन शाकाहारी भोजन दिया जाएगा। प्रत्येक थाली की कीमत केवल 5 रुपये होगी, जबकि भोजन की वास्तविक लागत का अधिकांश हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी।

'मां कैंटीन' योजना का होगा विस्तार

'मां आहार केंद्र' को राज्य सरकार की पहले से चल रही 'मां कैंटीन' योजना का विस्तारित स्वरूप माना जा रहा है। अब इस योजना का दायरा बढ़ाकर सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि अस्पतालों में लंबे समय तक रहने वाले मरीजों के परिजन और आर्थिक रूप से कमजोर लोग भी कम कीमत में गुणवत्तापूर्ण भोजन प्राप्त कर सकें।

सरकार का उद्देश्य

सरकार का मानना है कि अस्पतालों में इलाज कराने आने वाले कई लोगों को भोजन पर काफी खर्च करना पड़ता है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए यह अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन जाता है।

ऐसे में 'मां आहार केंद्र' शुरू होने से उन्हें कम कीमत पर स्वच्छ, पौष्टिक और संतुलित भोजन मिलेगा। साथ ही अस्पताल परिसरों में भोजन की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित होगी और जरूरतमंद लोगों को राहत मिलेगी।

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