कोलकाता : वृहत्तर बड़ाबाजार के इजरा स्ट्रीट में शनिवार की सुबह पारसी चर्च परिसर में लगी आग ने इलाके की कई पुरानी समस्याओं को फिर उजागर कर दिया है। इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट्स के प्रमुख केंद्र के रूप में प्रसिद्ध इस क्षेत्र में बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा से बड़ी संख्या में व्यापारी खरीददारी करने आते हैं। हर इंच कीमती जमीन वाले इस बाजार में अव्यवस्थित तारों का जाल, सड़क पर फैलते हॉकर्स और वाहन पार्किंग की समस्या लगातार खतरा पैदा कर रही है।
तारों के कारण दमकल को आयी दिक्कत
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क के ऊपर झूलते बिजली और अन्य संचार तंत्र के तारों के बारे में कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। आग लगने के बाद जब दमकल इंजन घटनास्थल पर पहुंचे, तो उन्हें प्रवेश करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। दमकल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ओवरहेड वायरिंग के कारण हाइड्रोलिक लैडर को मौके तक ले जाना संभव नहीं था, जिससे राहत कार्य बाधित हुआ। उन्होंने बताया कि शनिवार की सुबह आग लगने के बाद बगल की बहुमंजिली इमारत की चौथी और पांचवीं मंजिल पर आग लग गयी। पहले दमकल कर्मियों ने पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की लेकिन तेज हवा के कारण समस्या आ रही थी। ऐसे में जब दमकल अधिकारियों ने वहां पर हाइड्रोलिंक लाने के बारे में सोचा तो ओवरहेड वायर के कारण वाहन का लाना असंभव था। ऐसे में बाद में रिले सिस्टम के जरिए मकान की चौथी और पांचवीं मंजिल पर लगी आग को बुझाया गया।
ओवरहेड वायर और हॉकर्स हैं बड़ी समस्या
कलकत्ता इलेक्ट्रिक डीलर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं कन्फेडरेशन ऑफ वेस्टबंगाल ट्रेडर्स एसोसिएशन के ज्वाइंट सेक्रेटरी चंद्रेश मेघानी ने बताया कि कि इजरा स्ट्रीट में ओवरहेड वायर एक गंभीर समस्या है। जिस मकान में आग लगी, वहां छह महीने पहले भी आग लग चुकी है। उन्होंने उक्त परिसर में करीब आधे दुकानदार अवैध तरीके से दुकान चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि गनीमत रही कि आग सुबह लगी। यदि दिन में लगती, जब ट्रिपल लाइन पार्किंग और हॉकर्स पूरे सड़क पर कब्जा जमाये रहते हैं, तो परिणाम कहीं अधिक भयावह हो सकते थे। इलाके के व्यापारियों व स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।