मदन मित्रा को अभिषेक की लीगल नोटिस

फेसबुक लाइव विवाद पर 10 करोड़ मुआवजे की मांग
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कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी की ओर से वरिष्ठ नेता मदन मित्रा को 10 करोड़ रुपये के मानहानि दावे के साथ कानूनी नोटिस भेजा गया है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि 19 जुलाई को मदन मित्रा ने अपने सत्यापित फेसबुक पेज पर लाइव प्रसारण के दौरान अभिषेक बनर्जी के खिलाफ झूठे, निराधार और मानहानिकारक आरोप लगाए।

नोटिस के अनुसार, 7 मिनट 57 सेकेंड के इस फेसबुक लाइव में मदन मित्रा ने अभिषेक बनर्जी को "अपराधी" और "हत्यारा" बताया। साथ ही उन पर सुपारी देकर हत्या कराने तथा आपराधिक प्रवृत्ति का होने जैसे गंभीर आरोप लगाए। अभिषेक के वकील का दावा है कि इन आरोपों के समर्थन में मदन मित्रा के पास कोई तथ्य या साक्ष्य नहीं है। नोटिस में कहा गया है कि इन बयानों से सांसद की व्यक्तिगत प्रतिष्ठा, राजनीतिक छवि और सार्वजनिक विश्वास को गंभीर क्षति पहुंची है।

कानूनी नोटिस में मदन मित्रा को 72 घंटे के भीतर सभी कथित मानहानिकारक टिप्पणियां वापस लेने, लिखित एवं वीडियो के माध्यम से सार्वजनिक माफी मांगने और 10 करोड़ रुपये का मुआवजा देने को कहा गया है। नोटिस के अनुसार, यह राशि किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि एक पंजीकृत ट्रस्ट में जमा कराई जाएगी। इस ट्रस्ट का उपयोग तृणमूल कांग्रेस से दलबदल करने वाले सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों की कानूनी कार्रवाई तथा राजनीतिक हिंसा के पीड़ितों के पुनर्वास और कानूनी सहायता के लिए किया जाएगा।

नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित 72 घंटे के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो मदन मित्रा के खिलाफ उपयुक्त दीवानी और आपराधिक कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। साथ ही उन्हें भविष्य में इस प्रकार के कथित मानहानिकारक बयान देने या प्रसारित करने से भी परहेज करने को कहा गया है।

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