

सतीश, सन्मार्ग संवाददाता
हुगली : ‘लंका राजा’ के नाम से चर्चित सुनील दास, चुंचुड़ा से तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी देबांशु भट्टाचार्य के समर्थन में “जय बांग्ला” के नारे लगाते हुए नाचते-गाते नजर आए। लोकसभा चुनाव के दौरान भी उन्हें रचना बनर्जी के प्रचार में देखा गया था। सुगंधा कामदेवपुर गांव के निवासी सुनील दास को इलाके में ‘बुलेट काका’ और ‘लंका राजा’ के नाम से भी जाना जाता है। पेशे से व्यवसायी सुनील ने एक बार यात्रा (लोकनाट्य) में लंका के राजा रावण की भूमिका निभाई थी। उसी के बाद से उन्हें ‘लंका राजा’ कहा जाने लगा। अपने अनोखे अंदाज के लिए मशहूर सुनील दास हमेशा भारी-भरकम गहनों में नजर आते हैं। दोनों हाथों की सभी उंगलियों में अंगूठियां जिनमें विभिन्न देवी-देवताओं की आकृतियां बनी हैं और गले में मोटी-मोटी चेन उनका खास स्टाइल है। उनका अंदाज किसी फिल्मी शैली से कम नहीं है और उनका यही अंदाज बप्पी लाहिड़ी की याद दिलाता है। उनका दावा है कि उनके पास मौजूद सभी गहने असली सोने के हैं। हालांकि, आलोचक इस पर तरह-तरह की बातें करते हैं। सुनील का कहना है कि लोगों का प्यार ही उनकी सबसे बड़ी सुरक्षा है, इसलिए उन्हें किसी तरह का डर नहीं लगता। प्रचार के दौरान उन्होंने तृणमूल कार्यकर्ताओं के लिए खुद लस्सी और केक की व्यवस्था भी की। तृणमूल कांग्रेस से जुड़े रहने का कारण उन्होंने ममता बनर्जी के प्रति अपने लगाव को बताया।