

कोलकाता : थिएटर जगत से जुड़े कर्मचारियों ने ऐतिहासिक ललित कला अकादमी (Academy of Fine Arts) के पुराने टिकट काउंटर को भगवा रंग से फिर से उसके मूल सफेद रंग में रंग दिया। जुलाई 2026 के पहले सप्ताह में इसे कथित तौर पर भगवा रंग से रंग दिया गया था, जिसके विरोध में कलाकारों ने कड़ा रोष जताया था।
यह कदम उस समय उठाया गया, जब काउंटर की दीवारों पर लगाए गए पुराने रंग और लिखावट को लेकर थिएटरकर्मियों के बीच चर्चा तेज थी। बताया जा रहा है कि अकादमी परिसर शहर के सांस्कृतिक और रंगमंचीय गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है।
यहां नियमित रूप से नाटक, प्रदर्शन और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। ऐसे में टिकट काउंटर और परिसर की दीवारों का स्वरूप थिएटर समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है।
थिएटरकर्मियों के अनुसार, सफेद रंग से काउंटर को दोबारा रंगने का उद्देश्य परिसर के स्वरूप को साफ-सुथरा बनाए रखना और उसकी मूल सादगी को बरकरार रखना है। इस दौरान कुछ रंगकर्मियों ने मौके पर मौजूद रहकर पेंटिंग का काम पूरा कराया।
घटना के बाद सांस्कृतिक हलकों में अकादमी परिसर के रखरखाव और उसके सौंदर्यीकरण को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। थिएटर से जुड़े लोगों का कहना है कि अकादमी केवल कार्यक्रम आयोजित करने की जगह नहीं, बल्कि बंगाल की रंगमंचीय परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इसलिए परिसर के रखरखाव में रंगकर्मियों और सांस्कृतिक संस्थाओं की भावनाओं को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। टिकट काउंटर के दोबारा सफेद किए जाने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अकादमी परिसर में आगे रखरखाव और सौंदर्यीकरण को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।
थिएटरकर्मियों की इस पहल ने एक बार फिर शहर के सांस्कृतिक स्थलों की देखभाल और उनके स्वरूप को लेकर बहस छेड़ दी है।