मानसून में स्पर्शाघात से होने वाली मौतों को शून्य करने का लक्ष्य

सीईएससी अधिकारियों के साथ की गई विस्तृत चर्चा हाई वाेल्टेज तारों के आसपास कई भाषाओं में संकेतक लगाने की प्रक्रिया शुरू
कोलकाता नगर निगम की कमिश्नर स्मिता पांडेय प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करती हुई
कोलकाता नगर निगम की कमिश्नर स्मिता पांडेय प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करती हुई
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राम बालक, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : आगामी मानसून को देखते हुए कोलकाता नगर निगम ने विभिन्न इलाकों में खुले तार से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। कोलकाता नगर निगम की आयुक्त स्मिता पांडेय ने कहा कि इस वर्ष महानगर के किसी भी क्षेत्र में मीटर बॉक्स, विद्युत खंभों अथवा अन्य विद्युत संरचनाओं की चपेट में आकर किसी व्यक्ति की मौत न हो, इसके लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं। यह पहल मंत्री अग्निमित्रा पॉल के कहने पर की जा रही है। प्री-मानसून तैयारियों को लेकर बेलगछिया के मोहित मोईत्रा मंच में बोरो स्तर पर आयोजित बैठक के बाद प्रेस कांफ्रेंस करते हुए उन्होंने बताया कि इस संबंध में सीईएससी अधिकारियों के साथ विस्तृत रूप से चर्चा की गई है। बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सीईएससी, अग्निशमन विभाग तथा अन्य संबंधित एजेंसियों को शामिल कर एक संयुक्त टीम गठित की जा रही है।

स्पर्शाघात रोकने के लिए नगर निगम का अभियान, सभी वार्ड होंगे कवर

हाई वोल्टेज तारों और फीडर बॉक्स के आसपास बांग्ला, हिंदी और अंग्रेजी भाषा में चेतावनी संकेतक लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही दुर्घटना-प्रवण और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी को रोका जा सके। यह अभियान नगर निगम के सभी वार्डों में चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय समस्याओं की जानकारी जुटाने के लिए संबंधित विधायकों और पार्षदों से भी सहयोग लिया जाएगा। इसके अलावा आज से यानी मंगलवार से नगर निगम के अधिकारी विभिन्न वार्डों का निरीक्षण करेंगे। निगम का दावा है कि सभी वार्डों में नियमित रूप से सफाई कार्य किया जा रहा है और इस बार जलजमाव की समस्या में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। बैठक में मौजूद तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष ने नगर निगम की तैयारियों पर संतोष व्यक्त करते हुए पहल की सराहना की।

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