परिसीमन बैठक में भारी हंगामा: विपक्षी दलों का वॉकआउट

परिसीमन बैठक में भारी हंगामा: विपक्षी दलों का वॉकआउट
Published on: 

कोलकाता: कोलकाता नगर निगम द्वारा परिसीमन के मुद्दे पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक भारी हंगामे और गतिरोध के बीच बिना किसी निष्कर्ष के समय से पहले ही समाप्त हो गई। निगम प्रशासन के रवैये और परिसीमन प्रक्रिया से असंतुष्ट होकर कालीघाट तृणमूल, वाममोर्चा, कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों ने बैठक का बहिष्कार करते हुए वॉकआउट कर दिया। बिना स्पष्ट एजेंडे के बुलाई गई बैठक बैठक से बाहर निकलने के बाद वाममोर्चा और अन्य विपक्षी प्रतिनिधियों ने निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। विपक्षी नेताओं का कहना था कि केएमसी में परिसीमन पर चार दिनों की मैराथन सुनवाई के बाद बुलाई गई इस बैठक का कोई स्पष्ट एजेंडा तय नहीं किया गया था। अधिकारियों की ओर से यह भी साफ नहीं किया गया कि पिछले दिनों दर्ज कराई गई आपत्तियों पर क्या कदम उठाए गए हैं।

परिसीमन की मंशा और प्रक्रिया पर उठाए सवाल कांग्रेस के आशुतोष चटर्जी ने वर्तमान परिसीमन प्रक्रिया को "राजनीतिक रूप से प्रेरित" करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्डों का पुनर्गठन भौगोलिक निरंतरता और समानता के नियमों को दरकिनार कर मनमाने ढंग से किया जा रहा है। वहीं, अन्य विपक्षी दलों का दावा है कि इस व्यवस्था के जरिए कोलकाता के गरीब, मध्यमवर्गीय और अल्पसंख्यक बहुल इलाकों को नागरिक सेवाओं के दायरे से बाहर करने की साजिश रची जा रही है।

कालीघाट तृणमूल ने कहा—जनसंख्या को बनाया जाए आधार बैठक में मौजूद कालीघाट तृणमूल कांग्रेस की प्रतिनिधि रत्ना सुर (दत्ता) ने परिसीमन के आधार पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि परिसीमन केवल मतदाताओं की संख्या के आधार पर नहीं, बल्कि कुल जनसंख्या के आधार पर होना चाहिए, ताकि 18 वर्ष से कम उम्र के नागरिक भी विकास योजनाओं से वंचित न रहें। उन्होंने मांग की कि आगामी राष्ट्रीय जनगणना (Census) के आंकड़े आने तक परिसीमन की प्रक्रिया को स्थगित रखा जाना चाहिए। कमिश्नर के रवैये से नाराजगी विपक्षी प्रतिनिधियों ने कमिश्नर और वरिष्ठ अधिकारियों की कार्यशैली पर गहरा असंतोष व्यक्त किया।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
Follow Sanmarg on Google News
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in