

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कोलकाता महानगर क्षेत्र में फरवरी महीने के दौरान आवासीय संपत्तियों के पंजीकरण में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई है। प्रॉपर्टी कंसल्टेंट नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, कुल 4,974 घरों का रजिस्ट्रेशन हुआ, जो जनवरी की तुलना में 63 प्रतिशत अधिक है, हालांकि साल-दर-साल आधार पर इसमें मामूली गिरावट देखी गई है। नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, कोलकाता मेट्रोपालिटन एरिया में फरवरी महीने में हाउस रजिस्ट्रेशन में बड़ा उछाल देखा गया।
मुख्य बातें :
फरवरी में कुल 4,974 घरों का रजिस्ट्रेशन हुआ, जो जनवरी के मुकाबले 63% ज्यादा है।
हालांकि, साल-दर-साल आधार पर यह संख्या 1% कम रही (फरवरी 2025 में 5,016 यूनिट्स)।
यह डेटा डायरेक्टोरेट ऑफ रेजिस्ट्रेशन्स एंड स्टैंप्स रेवेन्यू वेस्ट बंगाल से लिया गया है, जिसमें नए और रीसेल दोनों तरह के घर शामिल हैं।
किस तरह के घरों की मांग ज्यादा रही?
501 से 1,000 स्क्वायर फीट के फ्लैट सबसे ज्यादा बिके (कुल का 58%)।
500 स्क्वायर फीट से छोटे घरों की हिस्सेदारी घटकर 32% रह गई (पहले 52%)।
1,000 स्क्वायर फीट से बड़े घरों की हिस्सेदारी बढ़कर 10% हो गई।
इससे पता चलता है कि लोग अब मिड-साइज (मध्यम आकार) के घरों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं, लेकिन बड़े (प्रीमियम) घरों की मांग भी धीरे-धीरे बढ़ रही है।
किन इलाकों में सबसे ज्यादा रजिस्ट्रेशन हुए?
उत्तर और दक्षिण कोलकाता मिलाकर कुल का 75% हिस्सा
उत्तर : 41%
दक्षिण : 33%
टॉप माइक्रो-मार्केट :
राजारहाट – 381 यूनिट
दमदम – 352 यूनिट
बारासात – 337 यूनिट
विशेषज्ञ की राय
सुशील मोहता, प्रेसिडेंट (क्रेडाई वेस्ट बंगाल) के अनुसार : यह बढ़ोतरी खरीदारों के भरोसे को दिखाती है। मिड-साइज घरों की मजबूत मांग बनी हुई है। साथ ही, प्रीमियम सेगमेंट की ओर भी धीरे-धीरे शिफ्ट देखने को मिल रहा है।
कोलकाता का रियल एस्टेट मार्केट फिलहाल स्थिर और सकारात्मक दिख रहा है, जहां लोग किफायती और प्रैक्टिकल घरों को प्राथमिकता दे रहे हैं, लेकिन धीरे-धीरे बड़े घरों की तरफ भी रुझान बढ़ रहा है।