

कोलकाता : नेपाल-चीन सीमा पर 26 अगस्त को आयी भीषण फ्लैश फ्लड ने हजारों किलोमीटर दूर कोलकाता में रह रहे नेपाली समुदाय की नींद उड़ा दी है। नेपाल में रह रहे परिजनों और दोस्तों की सलामती को लेकर लोग लगातार फोन मिला रहे हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में संपर्क व्यवस्था प्रभावित होने से हर गुजरते घंटे के साथ बेचैनी बढ़ती जा रही है।
महानगर में लंबे समय से रह रहीं माया गुरूंग के कई परिचित सीमा क्षेत्र में रहते हैं। नुवाकोट और धादिंग से आने वाली हर खबर पर उनकी नजर है। उनका कहना है कि फोन नहीं लगने पर चिंता और बढ़ जाती है। वहीं, संगीता अधिकारी, जो कोलकाता में कारोबार करती हैं, ने बताया कि बाढ़ के वीडियो ने उन्हें भीतर तक डरा दिया। काठमांडू में रहने वाले रिश्तेदारों से बात होने के बाद कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति को लेकर चिंता कायम है।
कोलकाता में पली-बढ़ीं रचना छेत्री ने रसुवा में बाढ़ की खबर मिलते ही अपने दादा-दादी और रिश्तेदारों से संपर्क साधा। वहीं, दीपक थापा के एक रिश्तेदार का रसुवा में ट्रेकिंग का कार्यक्रम था, लेकिन अंतिम समय में यात्रा रद्द होने से वह सुरक्षित रहे।
कलकत्ता विश्वविद्यालय की नेपाली छात्रा अनुष्का राणा का कहना है कि उनकी परिवार सुरक्षित है, फिर भी आसपास के इलाकों की खबरें बेचैन कर रही हैं। वही, पूर्व भारतीय फुटबॉलर और नेपाल राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के पूर्व कोच श्याम थापा ने कहा कि उन्होंने भोटेकोशी नदी के आसपास के इलाकों को कई बार देखा है, लेकिन ऐसी भयावह प्राकृतिक आपदा पहले कभी नहीं देखी।