

नेहा, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : सर्दियों के आगमन के साथ ही कोलकाता शहर जहाँ धुंध का सामना करने की तैयारी कर रहा है, वहीं एयरपोर्ट ने गुरुवार को अपनी मुख्य रनवे के उत्तरी छोर से उन्नत इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) को चालू कर दिया। इससे मध्यमग्राम दिशा से आने वाली उड़ानें भी कम दृश्यता, यहां तक कि घने कोहरे में सुरक्षित रूप से लैंड कर सकेंगी। अब तक केवल न्यू टाउन दिशा से आने वाली उड़ानों को CAT-III ILS की सुविधा थी, जिसमें 50 मीटर तक की दृश्यता में भी विमान उतर सकता है। गुरुवार सुबह 5:30 बजे रनवे 19L पर CAT-III ILS शुरू होने के बाद अब दोनों दिशाओं से इतने कम विज़िबिलिटी में भी विमानों का संचालन संभव हो गया है। पहले माध्यमग्राम दिशा में केवल CAT-II ILS था, जो 350 मीटर विजिबिलिटी पर ही संचालन की अनुमति देता था।
अब उड़ान में नहीं होगी देरी
पायलटों का कहना है कि रनवे के दोनों सिरों पर CAT-III के उपलब्ध होने से एयरपोर्ट की परिचालन क्षमता और विश्वसनीयता बढ़ेगी। बदलते मौसम और हवा की दिशा में लगातार परिवर्तन के कारण अब रनवे की दिशा बिना विज़िबिलिटी की चिंता के बदली जा सकेगी, जिससे उड़ानें किसी भी दिशा की हवा में सुरक्षित उतर सकेंगी। पायलटों ने यह भी बताया कि इससे एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को सुविधा मिलेगी, उत्तरी मार्ग से अधिक उड़ानें आने पर माध्यमग्राम छोर का उपयोग किया जा सकेगा, जबकि दक्षिण दिशा से अधिक उड़ानें आने पर राजारहाट छोर का। गौरतलब है कि सेकेंडरी रनवे पर माध्यमग्राम दिशा में CAT-I ILS है, लेकिन दूसरी दिशा में ILS नहीं लगाया जा सका है क्योंकि रनवे के किनारे स्थित मस्जिद के कारण आवश्यक उपकरण स्थापित करना संभव नहीं है। इसी कारण माध्यमग्राम दिशा से लैंडिंग करते समय टचडाउन पॉइंट भी 88 मीटर आगे खिसकाना पड़ता है।
कोलकाता एयरपोर्ट ने मुख्य रनवे के उत्तरी छोर पर CAT-III ILS शुरू किया, जिससे माध्यमग्राम दिशा से भी कम दृश्यता में लैंडिंग संभव हुई।
पहले इस दिशा में CAT-II ILS था, जो 350 मीटर दृश्यता तक ही संचालन की अनुमति देता था।
अब दोनों दिशाओं से 50 मीटर तक की दृश्यता में भी उड़ानें सुरक्षित रूप से उतर सकेंगी।
बदलती हवा की दिशा के बावजूद रनवे संचालन में लचीलापन बढ़ेगा, जिससे विंटर ऑपरेशन अधिक विश्वसनीय होंगे।
सेकेंडरी रनवे पर मस्जिद की वजह से एक दिशा में ILS नहीं लगाया जा सका, टचडाउन पॉइंट भी 88 मीटर आगे है।