नेहा , सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कोलकाता एयरपोर्ट ने वित्त वर्ष 2024-25 में अब तक का सबसे अधिक लाभ दर्ज किया है। इसने पिछले साल (2023-24) के रिकॉर्ड को पार कर लिया, हालांकि इस बार कुल राजस्व में मामूली गिरावट आई है। 2023-24 में हवाई अड्डे ने कोविड-19 की मंदी से उबरते हुए 2019-20 के 454 करोड़ रुपये के पूर्व-कोविड मुनाफे को पीछे छोड़ 670 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया था। अब 2024-25 में इस आंकड़े को भी पार करते हुए एयरपोर्ट ने 749 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज किया है।
एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के अधीन संचालित 137 हवाई अड्डों में कोलकाता एयरपोर्ट लाभ और राजस्व के मामले में शीर्ष पर रहा। कोलकाता का मुनाफा चेन्नई एयरपोर्ट से ढाई गुना अधिक रहा, जो सूची में दूसरे स्थान पर है। यह बढ़ा हुआ लाभ राजस्व में 3% की मामूली गिरावट के बावजूद हासिल हुआ। 2023-24 में जहां राजस्व 1,578.6 करोड़ रुपये था, वहीं 2024-25 में यह घटकर 1,527.5 करोड़ रुपये रह गया। कुल राजस्व का 77% हिस्सा एरोनॉटिकल चार्जेज़ (जैसे उड़ानों की लैंडिंग, टेक-ऑफ और पार्किंग शुल्क) से आया। एयरपोर्ट ने इस अवधि में लगभग 1.5 लाख उड़ानों और 2.2 करोड़ यात्रियों को संभाला।
आंकड़े यह कहते हैं
2024-25 में प्रति उड़ान औसतन 152 यात्री दर्ज किए गए, जो अब तक का सबसे अधिक है। यह आंकड़ा 2023-24 में 146, 2019 में 143, 2023 में 129 और 2022 में 123 यात्रियों का था। एयरपोर्ट अधिकारी ने बताया कि चीन के लिए उड़ानों के फिर से शुरू होने और कंबोडिया के लिए नई उड़ानें शुरू होने से राजस्व और मुनाफे दोनों में और वृद्धि की उम्मीद है। नेपाल के लिए उड़ानें भी जल्द शुरू होने की योजना में हैं।
हालांकि, एक चिंता का विषय है — गैर-एरोनॉटिकल राजस्व (Non-Aeronautical Revenue)। कोलकाता एयरपोर्ट का गैर-एरोनॉटिकल राजस्व केवल 308 करोड़ रुपये है, जबकि चेन्नई एयरपोर्ट का 469.2 करोड़ रुपये है। कोलकाता एयरपोर्ट की 77% आमदनी ट्रैफिक से आती है। एयरपोर्ट का लक्ष्य अगले 10 वर्षों में गैर-ट्रैफिक राजस्व को बढ़ाकर 25-30% तक पहुंचाने का है। ट्रैफिक राजस्व में अंतरराष्ट्रीय ट्रैफिक की हिस्सेदारी केवल 15% है, जबकि घरेलू उड़ानें मुख्य स्रोत हैं। कोलकाता अब पूर्वोत्तर भारत की घरेलू उड़ानों का प्रमुख ट्रांजिट हब बन गया है, और दक्षिण-पूर्व एशिया जाने वाली उड़ानों के लिए भी यह एक केंद्र के रूप में उभर रहा है।
यह भी है खास
बागडोगरा एयरपोर्ट ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। 22,390 उड़ानों और 38 लाख यात्रियों को संभालते हुए 157 करोड़ रुपये का राजस्व और 122 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया। यहां प्रति उड़ान औसतन 155 यात्री दर्ज किए गए।