

कोलकाता : लंबे इंतजार के बाद कोलकाता नगर निगम ने जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी है। करीब 15 दिनों से यह सेवा बंद रहने के कारण हजारों परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
अब निगम द्वारा सब-रजिस्ट्रारों की प्रमाणपत्रों पर हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया बहाल किए जाने के बाद नागरिकों को बड़ी राहत मिली है।
जानकारी के अनुसार, हाल ही में जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने में कथित अनियमितताओं की जांच के बीच मौखिक निर्देश के आधार पर सब-रजिस्ट्रारों के हस्ताक्षर करने के अधिकार पर रोक लगा दी गई थी।
इसके चलते शहर के श्मशान घाटों और कब्रिस्तानों से मृत्यु प्रमाणपत्र जारी नहीं हो पा रहे थे। इस दौरान परिजनों को केवल रसीद दी जा रही थी, जिसका कानूनी रूप से कोई महत्व नहीं था।
इस व्यवधान से केवल अंतिम संस्कार की प्रक्रिया ही प्रभावित नहीं हुई, बल्कि बैंक खाते बंद कराने, बीमा दावा, पेंशन, संपत्ति हस्तांतरण, उत्तराधिकार और अन्य कानूनी औपचारिकताओं में भी लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। अनुमान है कि केवल श्मशान घाटों के आंकड़ों के आधार पर लगभग 4,000 से अधिक परिवार इस समस्या से प्रभावित हुए।
अब KMC द्वारा पूर्व व्यवस्था बहाल किए जाने के बाद जन्म और मृत्यु दोनों प्रकार के प्रमाणपत्र फिर से जारी किए जा रहे हैं। निगम के इस फैसले से लंबित आवेदनों के निपटारे का रास्ता भी साफ हो गया है और नागरिकों को आवश्यक दस्तावेज समय पर मिलने की उम्मीद जगी है।