

कोलकाता : कोलकाता नगर निगम ने संशोधित अधिसूचना जारी कर स्पष्ट किया कि वैध स्वीकृत नक्शे वाली पांच मंजिल (जी+4) तक की सभी इमारतों के मालिक निर्माण, रखरखाव और मरम्मत का कार्य जारी रख सकते हैं। यह संशोधित अधिसूचना उन शिकायतों के बाद जारी की गई, जिनमें मकान मालिकों ने आरोप लगाया था कि वे पांच मंजिल तक की इमारतों पर भी निर्माण, मरम्मत या नवीनीकरण नहीं करा पा रहे हैं, जबकि राज्य सरकार द्वारा तारातला गोदाम हादसे के बाद जारी कार्यस्थगन आदेश का दायरा उन पर लागू नहीं था। हालांकि, केएमसी ने स्पष्ट किया है कि इस छूट का लाभ लेने के लिए संबंधित भवन मालिकों को निर्माण कार्य दोबारा शुरू करने से पहले नगर आयुक्त के कार्यालय से अनुमति लेनी होगी। नगर निगम ने उन हाईराइज परियोजनाओं को भी राहत दी है, जहां बेसमेंट निर्माण के लिए खुदाई शुरू हो चुकी है। ऐसे मामलों में शीट पाइलिंग, रिटेनिंग स्ट्रक्चर, खुदाई को स्थिर करने का कार्य, डी-वॉटरिंग, ब्रेसिंग सिस्टम तथा गहरी या उथली नींव के लिए पाइल कैप जैसे सुरक्षा संबंधी जरूरी कार्य पूरे किए जा सकेंगे, ताकि मिट्टी धंसने और आसपास की संपत्तियों को नुकसान पहुंचने से रोका जा सके। इससे पहले केएमसी ने शहर में सभी निर्माण कार्यों पर व्यापक रोक लगा दी थी। बाद में राज्य के शहरी विकास एवं नगर मामलों के विभाग (यूडीएमए) ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंध केवल छह मंजिल या उससे अधिक ऊंची (जी+5 और उससे ऊपर) निर्माणाधीन इमारतों पर लागू है। लेकिन केएमसी की पुरानी अधिसूचना वापस नहीं लेने के कारण स्थानीय स्तर पर जी+4 तक की इमारतों के निर्माण की भी अनुमति नहीं दी जा रही थी।
एलबीएस एसोसिएशन से जुड़े लोगों ने यह कहा
लाइसेंस्ड बिल्डिंग सर्वेयर्स एसोसिएशन के सदस्य ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि रोक लगाने के बाद सीएम और मंत्रालय को चिट्ठी दी गई थी। महत्वपूर्ण चरण में खुदाई धंसने, नींव अस्थिर होने, बिना सहारे वाली मिट्टी के ढहने और आसपास की इमारतों, सड़कों तथा भूमिगत सेवाओं को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद 3 जून को संशोधित कर अधिसूचना जारी की गई।