9 साल बाद नहीं हुआ अनुबंध का नवीनीकरण

संविदा शिक्षकों ने केएमसी के सामने किया प्रदर्शन
9 साल बाद नहीं हुआ अनुबंध का नवीनीकरण
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सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : दुर्गापूजा से पहले कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत संविदा शिक्षक-शिक्षिकाओं के सामने नौकरी का संकट खड़ा हो गया है। आरोप है कि पिछले चार महीने से उन्हें वेतन नहीं मिला है। अनुबंध के नवीनीकरण और बकाया वेतन की मांग को लेकर शिक्षकों ने मंगलवार को केएमसी मुख्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया।

चार महीने से वेतन बंद, शिक्षकों में नाराजगी

आंदोलनकारी शिक्षकों का दावा है कि उन्होंने वर्ष 2018 में परीक्षा के माध्यम से नियुक्ति पाई थी। इसके बाद करीब नौ वर्षों से वे संविदा शिक्षकों के रूप में काम कर रहे हैं। हालांकि, इस बार उनके अनुबंध का नवीनीकरण नहीं किया गया। शिक्षकों के अनुसार इस फैसले से 80 से अधिक लोग बेरोजगार हो गए हैं। शिक्षकों का आरोप है कि विधानसभा चुनाव से पहले से ही उनका वेतन बंद था। लंबे समय तक काम करने के बावजूद अचानक नौकरी को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है। उनका कहना है कि पिछली सरकार के कार्यकाल में भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। संबंधित फाइल उच्च स्तर पर भेजे जाने के बावजूद आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई।

नौ साल की सेवा के बाद नियमों पर उठे सवाल

आंदोलनकारियों ने कहा कि चार महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण परिवार चलाना मुश्किल हो गया है और कई लोगों को उधार लेकर गुजारा करना पड़ रहा है। वे जानना चाहते हैं कि नौ वर्षों तक सेवा देने के बाद किस नियम के तहत उनकी सेवाएं समाप्त की जा रही हैं। मांगें पूरी नहीं होने पर शिक्षकों ने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। वहीं, निगम के एक अधिकारी के अनुसार तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में इन शिक्षकों को ‘नॉन-टीचिंग स्टाफ’ के रूप में चिह्नित किया गया था। इसी वजह से उनके अनुबंध का नवीनीकरण नहीं किया गया।

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