

राम बालक, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : तारातला हादसे के बाद केएमसी ने शहर के सभी 144 वार्डों में निर्माणाधीन भवनों का निरीक्षण कराने का निर्णय लिया है। निर्माण कार्य की सुरक्षा और नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम ने 16 विशेष निरीक्षण टीमों का गठन किया है। ये टीमें विभिन्न निर्माणाधीन भवनों का मौके पर जाकर भौतिक निरीक्षण करेंगी। केएमसी की प्रशासक स्मिता पांडेय ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की भी जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन परियोजनाओं से जुड़े सभी भवन मालिकों और संस्थाओं के लिए 'गो-अहेड' नामक फॉर्म भरना अनिवार्य होगा। यह फॉर्म ऑनलाइन उपलब्ध है। फॉर्म भरकर संबंधित बोरो कार्यालय में जमा किया जा सकता है। इसके अलावा इसे कोलकाता नगर निगम के केंद्रीय कार्यालय में ऑनलाइन भी जमा करने की सुविधा उपलब्ध है। फॉर्म प्राप्त होने के बाद नगर निगम के अधिकारी संबंधित निर्माण स्थल का निरीक्षण करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि निर्माण कार्य निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों के अनुरूप हो रहा है या नहीं। हाल ही में इस संबंध में केएमसी अधिकारियों ने क्रेडाई (CREDAI) के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक की है।
हाई लेवल कमेटी को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
नगर निगम की निरीक्षण टीमें निर्माणाधीन भवनों का भौतिक निरीक्षण और दस्तावेजों की जांच पूरी करने के बाद अपनी रिपोर्ट हाई लेवल कमेटी को सौंपेंगी। इस विशेष जांच समिति में पीडब्ल्यूडी के थर्ड पार्टी इंजीनियर, इलेक्ट्रिकल विभाग, सिविल डिफेंस और सीईएससी के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। पहली बार इस समिति में श्रम (लेबर) विभाग और डिजास्टर मैनेजमेंट विभाग को भी जोड़ा गया है।
तकनीकी सब-कमेटी का भी किया गया गठन
निरीक्षण प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक तकनीकी सब-कमेटी का भी गठन किया गया है। इस समिति को कई तकनीकी और निर्णय संबंधी अधिकार दिए गए हैं। इसमें आईआईटी खड़गपुर सहित अन्य तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल किया गया है, जो निर्माण कार्यों की तकनीकी गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का मूल्यांकन करेंगे।