ईएम बाईपास के किनारे ट्विन बॉक्स ड्रेन की सफाई और डायवर्जन कार्य का केएमसी कमिश्नर ने किया निरीक्षण

5.57 करोड़ रुपये की लागत से पूरा हुआ 2.1 किलोमीटर लंबा ड्रेनेज कार्य
केएमसी की प्रशासक स्मिता पांडे उल्टाडांगा में ट्विन बॉक्स ड्रेन का निरीक्षण करती हुईं
केएमसी की प्रशासक स्मिता पांडे उल्टाडांगा में ट्विन बॉक्स ड्रेन का निरीक्षण करतीं हुईं
Published on: 

कोलकाता: कोलकाता नगर निगम (केएमसी) की प्रशासक स्मिता पांडे ने उल्टाडांगा वार्ड संख्या 32, बोरो-3 के अंतर्गत बंगाल केमिकल मेट्रो स्टेशन से उल्टाडांगा ड्रेनेज पंपिंग स्टेशन तक ईएम बाईपास के किनारे स्थित ट्विन बॉक्स ड्रेन की गाद की सफाई और जल निकासी मार्ग के डायवर्जन कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नीचे उतर कर कार्यों का अवलोकन किए। ड्रेनेज विभाग द्वारा किए गए कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। अधिकारियों के अनुसार, इस ट्विन बॉक्स ड्रेन के दोनों हिस्सों की ऊंचाई क्रमशः 5 फुट/ 9 फुट है तथा इसकी कुल लंबाई 2.1 किलोमीटर है। इस परियोजना को पूरा करने में लगभग एक वर्ष का समय लगा। इस कार्य पर करीब 5.57 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसका उद्देश्य जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाना और पानी की निकासी में आने वाली बाधाओं को दूर करना है। आउटफॉल बंद होने से जल निकासी में आ रही थी परेशानी

एक अधिकारी ने बताया कि बोरो-III क्षेत्र में इस तरह का यह तीसरा कार्य है। इससे पहले राजाबाजार, मानिकताला मेन रोड और बागमारी रोड के बॉक्स ड्रेन में भी इस तरह का काम किया गया है। बंगाल केमिकल, ईएम बाईपास और मानिकतला मेन रोड के क्रॉसिंग से शुरू होने वाला यह बॉक्स ड्रेन केस्टोपुर खाल तक जाता है। अधिकारी के मुताबिक, उल्टाडांगा फ्लाईओवर का गर्डर गिरने के बाद जब पुल का दोबारा निर्माण किया गया, तब बॉक्स ड्रेन के मुहाने को केएमडीए के साथ समन्वय कर जोड़ा गया। इसके परिणामस्वरूप बॉक्स ड्रेन का एक आउटफॉल बंद हो गया, जिससे जल निकासी प्रभावित हुई। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के नियमों के अनुसार, खाल में केवल वर्षा का पानी यानी स्टॉर्म वाटर ही छोड़ा जाना चाहिए। इसी कारण जल निकासी मार्ग का डायवर्जन आवश्यक हो गया। इस कार्य के तहत ड्रेन में जमा पानी को बाहर निकालकर खाल में प्रवाहित करने की व्यवस्था की जाएगी। इससे मानसून के दौरान जल निकासी व्यवस्था में सुधार होने की उम्मीद है।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in