

कोलकाता : बंगाल में चुनावी झटके के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने संगठनात्मक बदलाव करते हुए एक बार फिर वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी को लोकसभा में पार्टी का मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) नियुक्त किया है। इसके साथ ही लोकसभा में पार्टी नेता के रूप में अभिषेक बनर्जी और उपनेता के रूप में शताब्दी रॉय को बरकरार रखा गया है।
यह फैसला पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने अपने कालीघाट स्थित आवास पर हुई सांसदों की बैठक में लिया। इस बैठक में लगभग सभी टीएमसी सांसद मौजूद थे। इसे पार्टी के पुनर्गठन और मनोबल बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। ममता बनर्जी ने कहा कि कठिन समय में पार्टी के प्रति निष्ठा और संघर्षशीलता सबसे महत्वपूर्ण है।
कल्याण बनर्जी को पहले आंतरिक विवाद के कारण पद से हटाया गया था, लेकिन हाल के महीनों में उनकी सक्रियता और कानूनी व राजनीतिक लड़ाइयों में आक्रामक भूमिका को देखते हुए उन्हें फिर से यह जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव केवल संगठनात्मक नहीं, बल्कि यह राजनीतिक संदेश भी देता है कि कठिन परिस्थितियों में प्रदर्शन और सक्रियता को महत्व दिया जाएगा।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि टीएमसी सांसद अपने-अपने क्षेत्रों में जनता से संपर्क बढ़ाएं और संगठन को मजबूत करें। बैठक के दौरान अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव में टीएमसी को सिर्फ भाजपा से नहीं, बल्कि “पूरे तंत्र” से मुकाबला करना पड़ा। उन्होंने ईवीएम और मतगणना प्रक्रिया पर भी सवाल उठाये और कई अनियमितताओं के आरोप लगाए।
इसके साथ ही पार्टी नेताओं ने राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी इंडिया गठबंधन के साथ बंगाल से जुड़े मुद्दों को उठाने पर भी चर्चा की। बैठक के बाद टीएमसी सांसद सायनी घोष ने कहा कि पार्टी डरने वाली नहीं है और ममता बनर्जी एक मजबूत नेता हैं।