ज्योतिप्रिय मल्लिक ने टीएमसी के सभी पदों से दिया इस्तीफा

'बालू' के इस्तीफे पर राजनीतिक अटकलें तेज
ज्योतिप्रिय मल्लिक
ज्योतिप्रिय मल्लिक
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कोलकाता : तृणमूल को एक और झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक (बालू) ने शुक्रवार को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने दावा किया कि गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के कारण अब वह संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाने की स्थिति में नहीं हैं।

सूत्रों के मुताबिक, ज्योतिप्रिय ने कहा कि उनका शुगर स्तर 350 से अधिक है और किडनी की भी समस्या है। इस हालत में वे पार्टी के कामकाज में सक्रिय रूप से हिस्सा नहीं ले सकते। इस कारण वे सभी पद छोड़ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह ही उन्हें तृणमूल की राष्ट्रीय कार्यसमिति का सदस्य बनाया गया था, लेकिन उन्होंने वह पद भी छोड़ दिया है।

वर्ष 1998 में तृणमूल कांग्रेस की स्थापना के समय से ही ममता बनर्जी के करीबी नेताओं में से एक ज्योतिप्रिय वर्ष 2011 में तृणमूल के सत्ता में आने के बाद विधायक और मंत्री भी बने। खाद्य मंत्री रहते हुए राशन वितरण घोटाले के आरोप में उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। हालांकि पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताते हुए उनका समर्थन किया था। तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने भी कई बार कहा था कि उन्हें फंसाया गया है।

वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हावड़ा सीट से उम्मीदवार बनाया गया था, लेकिन वह चुनाव हार गए थे। इस बीच, विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने ज्योतिप्रिय के इस्तीफे को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि कुछ दिन पहले ही उनकी ज्योतिप्रिय से फोन पर बातचीत हुई थी।

ऋतब्रत ने सवाल किया कि यदि उनकी सेहत इतनी खराब थी, तो उनकी राय लिए बिना उन्हें राष्ट्रीय कार्यसमिति में क्यों शामिल किया गया। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

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