

सन्मार्ग संवाददाता
नयी दिल्ली/ कोलकाता : केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने मंगलवार को कच्चे जूट की बढ़ती कीमतों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जूट किसानों के हितों की रक्षा के लिए मिलों के लिए इसकी भंडारण सीमा बढ़ाने, जबकि व्यापारियों और बेलर्स (गांठ बनाने वालों) के लिए सीमा घटाने का फैसला किया। मंत्री ने निर्देश दिया कि जूट आयुक्त कार्यालय द्वारा चलाए जा रहे जमाखोरी विरोधी अभियान को और तेज किया जाएगा ताकि निर्धारित सीमा से अधिक भंडारण करने वालों का पता लगाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। कपड़ा मंत्रालय ने बताया कि मौजूदा अभियान में पहले ही कुछ व्यापारियों और बेलर्स की पहचान की गई है, जो नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। कच्चे जूट की ऊंची कीमतों पर काबू पाने में उद्योग की मदद के लिए सरकार ने 'बी ट्विल' जूट बैग की खरीद कीमतों में वृद्धि की है। इन बैगों की कीमत सितंबर 2024 के 58-60 रुपये प्रति बैग से बढ़ाकर सितंबर 2025 में 74 रुपये प्रति बैग और फिर जनवरी 2026 में 87.20 रुपये प्रति बैग कर दी गई हैं। मंत्रालय ने कहा, ''ये उपाय जूट किसानों और श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं, जिनमें से लगभग 80 प्रतिशत पश्चिम बंगाल में स्थित हैं।'' मंत्री ने बैठक में मिलों और एमएसएमई के लिए कच्चे जूट की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि उद्योग का संचालन सुचारु रूप से हो सके।