जूट की कला से जीवंत हो रही ज्ञान की देवी

आकर्षण का केंद्र बनी जूट से निर्मित मां सरस्वती की प्रतिमा जूट से बनी यह प्रतिमा लगभग 12 इंच की है
जूट से निर्मित मां सरस्वती की प्रतिमा
जूट से निर्मित मां सरस्वती की प्रतिमा
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राम बालक, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा इस वर्ष 23 जनवरी से शुरू होने जा रही है। इसे लेकर कुम्हारों द्वारा मिट्टी की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने का काम जोर शोर से जारी है। इसी बीच बारुईपुर की रहने वाली शोभा रोजारियो ने मां सरस्वती की प्रतिमा को एक नए रूप में प्रस्तुत कर सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। उन्होंने पहली बार जूट से बनी मां सरस्वती की प्रतिमा तैयार कर एक नई पहल की है, जो अब आकर्षण का केंद्र बन गई है।हाल ही में शोभा ने अपनी जूट से निर्मित मां सरस्वती की प्रतिमा को कोलकाता के रिजेंट पार्क स्थित निनफेट कार्यालय में आयोजित एक प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया। प्रदर्शनी में लोगों ने इस अनोखी प्रतिमा को काफी सराहा। इसके बाद से ही जूट से बनी मां सरस्वती की प्रतिमा की मांग में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। खास बात यह है कि पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ यह प्रतिमा किफायती मूल्य पर भी उपलब्ध है, जिससे आम लोग इसे आसानी से खरीद सकते हैं। शोभा ने बताया कि जूट की मदद से मां सरस्वती की प्रतिमा बनाना उनके लिए एक नया और चुनौतीपूर्ण अनुभव था। प्रदर्शनी के बाद लोगों की सकारात्मक प्रतिक्रिया और बढ़ती मांग से उन्हें काफी खुशी मिल रही है। उन्होंने कहा कि इससे उन्हें अपने इस नए व्यवसाय को आगे बढ़ाने की प्रेरणा भी मिल रही है। उन्होंने यह भी बताया कि इस कार्य में उन्हें केंद्र सरकार से संबद्ध संस्था नेशनल जूट बोर्ड ऑफ इंडिया और निनफेट का भरपूर सहयोग मिला है। जूट से बनी यह प्रतिमा लगभग 12 इंच की है, जिसे लोग पूजा के साथ-साथ घर की सजावट के लिए भी उपयोग कर सकते हैं। यह पहल न केवल कला को नया आयाम दे रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक सराहनीय कदम साबित हो रही है।

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