जूट किसानों को राहत, एमएसपी 5,925 रुपये प्रति क्विंटल हुआ

 प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मौजूद नेशनल जूट बोर्ड ऑफ इंडिया के सचिव शशि भूषण सिंह,संजय कुमार पाणिग्रही, नीरज कुलहरि कल्याण कुमार मजुमदार व अन्य
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मौजूद नेशनल जूट बोर्ड ऑफ इंडिया के सचिव शशि भूषण सिंह,संजय कुमार पाणिग्रही, नीरज कुलहरि कल्याण कुमार मजुमदार व अन्य
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राम बालक, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : केंद्र सरकार ने टीडी-3 (मध्यम ग्रेड) के आधार पर कच्चे जूट का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) फसल वर्ष 2026-27 में 5,925 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। यह पिछले वर्ष के मुकाबले 275 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है। यह जानकारी नेशनल जूट बोर्ड ऑफ इंडिया के सचिव शशि भूषण सिंह ने जेसीआई द्वारा आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में दी। उन्होंने बताया कि जुलाई से दिसंबर के बीच जूट बेचने वाले किसानों को इस एमएसपी के अनुसार भुगतान किया जाएगा। भुगतान डिजिटली तीन दिन के अंदर किया जाएगा। इस दौरान डिप्टी जूट कमिश्नर नीरज कुलहरि, जेसीआई के प्रबंध निदेशक संजय कुमार पाणिग्रही, कल्याण कुमार मजुमदार सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। आगे एनजेबी के सचिव शशि भूषण ने कहा कि एमएसपी बढ़ने से किसानों को लाभ मिलेगा। दिन प्रतिदिन जूट की मांग अंतरराष्ट्रीय बाजार और घरेलू बाजार में बढ़ रही है। किसानों के बीच व्यापक जागरूकता सुनिश्चित करने के लिए, जेसीआई ने राज्य सरकारों के साथ समन्वय, गांवों में जागरूकता अभियान, खरीद केंद्रों पर एमएसपी दर चार्ट को प्रदर्शित करने पर खास ध्यान दिया है। जेसीआई का पाट-मित्र मोबाइल एप्लिकेशन से किसानों को एमएसपी, खरीद केंद्रों, मौसम पूर्वानुमान, कृषि सलाह और भुगतान की स्थिति के बारे में जानकारी मिल सकती है। इस फसल वर्ष से निगम ने परेशानी मुक्त खरीद की सुविधा के लिए प्रतीक्षा समय को कम करने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ऐप के माध्यम से एक स्लॉट बुकिंग सिस्टम शुरू किया है।

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