बंगाल के कोयला क्षेत्र में वर्षों से ‘जंगल राज’, केंद्र पारदर्शिता के लिए कर रहा सुधार : रेड्डी

बंगाल के कोयला क्षेत्र में वर्षों से ‘जंगल राज’, केंद्र पारदर्शिता के लिए कर रहा सुधार : रेड्डी
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सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने सोमवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल का कोयला क्षेत्र वर्षों से अवैध खनन संचालकों और माफिया के नियंत्रण में रहा है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि केंद्र सरकार पारदर्शिता लाने, अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और खनन से होने वाला राजस्व राज्य के सरकारी खजाने तक पहुंचाने के लिए सुधार कर रही है।

रेड्डी ने कोलकाता में एसोचैम द्वारा अंगुल एल्युमिनियम पार्क में आयोजित एक औद्योगिक रोडशो को संबोधित करते हुए कहा कि पिछली सरकारों के दौरान राज्य के कोयला क्षेत्र में जवाबदेही का कथित अभाव रहा। उन्होंने इस स्थिति को ‘‘जंगल राज’’ करार दिया। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री ने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल में कई वर्षों तक कोयला क्षेत्र माफिया और अवैध खनन संचालकों के नियंत्रण में रहा। कोल इंडिया का मुख्यालय भले ही कोलकाता में है, लेकिन इस हकीकत का अनुभव सभी ने किया है।’’ उन्होंने कहा कि वह राज्य में कोयला और खनन क्षेत्र के विकास पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात करेंगे। अवैध खनन से जुड़े खतरों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि बिना वैध अनुमति, सुरक्षा मानकों और नियामकीय निगरानी के खनन किया जाता था।

उन्होंने कहा, ‘‘खनन की कोई अनुमति नहीं थी, फिर भी बिजली कनेक्शन का इस्तेमाल कर अवैध खनन किया जाता था। दुर्घटनाएं हुईं, लोगों की जान गई और कोई जवाबदेही नहीं थी। पश्चिम बंगाल में ऐसा ‘जंगल राज’ था, जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बदलने के लिए अब हम विशेष प्रयास कर रहे हैं।’’

रेड्डी ने खनन क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि पारदर्शिता पर केंद्र के जोर से अवैध खनन नेटवर्क पर कार्रवाई करने और राज्य सरकार के राजस्व में वृद्धि करने में मदद मिल रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘पहले कोयले से होने वाला राजस्व सरकारी खातों में नहीं जाता था, बल्कि कहीं और चला जाता था। आज पारदर्शी प्रक्रियाओं और कड़ी जवाबदेही के जरिए कई अवैध संचालक पीछे हट गए हैं और इस क्षेत्र से राज्य का राजस्व बढ़ेगा।’’

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