1,250 करोड़ से जेयू बनेगा 'इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस'

IIT-NIT को टक्कर देने की तैयारी में जादवपुर
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कोलकाता : जादवपुर विश्वविद्यालय ने राज्य और केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित 1,250 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता के बल पर देश के अग्रणी तकनीकी शिक्षण संस्थानों की श्रेणी में शामिल होने का लक्ष्य तय किया है।

विश्वविद्यालय के कुलपति चिरंजीब भट्टाचार्य ने कहा कि 'इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस' कार्यक्रम के तहत मिलने वाली यह राशि शोध और आधारभूत ढांचे के व्यापक विकास में मील का पत्थर साबित होगी।

हाल ही में राज्य सरकार ने घोषणा की है कि केंद्र सरकार अगले पांच वर्षों में 1,000 करोड़ रुपये और राज्य सरकार 250 करोड़ रुपये उपलब्ध कराएगी। कुलपति के अनुसार, अनुदान का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा अत्याधुनिक शोध सुविधाओं के विकास पर तथा शेष 30 प्रतिशत भवन, प्रयोगशालाओं और अन्य बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण पर खर्च किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में NIRF रैंकिंग में विश्वविद्यालय की स्थिति कमजोर हुई है। वर्ष 2023 में इंजीनियरिंग श्रेणी में 10वें स्थान पर रहने वाला जादवपुर विश्वविद्यालय 2024 में 12वें और 2025 में 18वें स्थान पर पहुंच गया। आधुनिक शोध सुविधाओं के अभाव में कई मेधावी छात्र आईआईटी और एनआईटी का रुख करते हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि बेहतर प्रयोगशालाएं, आधुनिक तकनीक और उन्नत शोध सुविधाएं विकसित होने पर अधिक प्रतिभाशाली छात्र जादवपुर विश्वविद्यालय को प्राथमिकता देंगे। इससे संस्थान की राष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार होगा और वह एक बार फिर देश के शीर्ष तकनीकी शिक्षण संस्थानों में अपनी मजबूत पहचान बना सकेगा।

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