

कोलकाता : लद्दाख के शिक्षा सुधार कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के समर्थन में शुक्रवार को जादवपुर विश्वविद्यालय के 34 छात्रों ने एक दिवसीय सांकेतिक उपवास किया।
विश्वविद्यालय परिसर स्थित त्रिगुणा सेन ऑडिटोरियम के बाहर दोपहर 12 बजे शुरू हुए इस प्रदर्शन को पश्चिम बंगाल में वांगचुक के समर्थन में पहला सांकेतिक उपवास बताया गया।
छात्र हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर धरने पर बैठे। उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) को समाप्त करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शन के पोस्टर पर लिखा था, "सोनम वांगचुक और जंतर-मंतर पर अनशनरत छात्रों के समर्थन में एक दिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल।"
कला संकाय की स्नातकोत्तर छात्रा सौमिली ने कहा, "सोनम वांगचुक हमारी लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन कोई उनकी बात नहीं सुन रहा। हम उनके साथ एकजुटता दिखाने के लिए यह सांकेतिक उपवास कर रहे हैं।"
वहीं, इंजीनियरिंग विभाग के छात्र पल्लब गुहा ने कहा, "केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। हमारी आवाज अनसुनी नहीं रहनी चाहिए।"
छात्रों का कहना है कि उनका आंदोलन केवल विश्वविद्यालय परिसर तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर में शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और व्यापक सुधार की मांग को लेकर है। प्रदर्शन पूरे दिन शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहा।