JU में सुरक्षा ऑडिट से व्यवस्था की होगी पड़ताल
तीन साल के EC रिकॉर्ड और 10 वर्षों के PhD दाखिले की भी होगी समीक्षा
CCTV से लेकर सुरक्षा गार्डों की तैनाती तक का होगा आकलन
प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता :
जादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) में हालिया हिंसक घटनाओं के बाद कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की तैयारी शुरू हो गयी है। नवनियुक्त रजिस्ट्रार डॉ. देवजीत दत्ता के नेतृत्व में आंतरिक सुरक्षा ऑडिट कराया जाएगा। रजिस्ट्रार ने ''सन्मार्ग'' से विशेष बातचीत में कहा, “फिलहाल विश्वविद्यालय में गतिरोध दूर करना और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाना प्राथमिकता है।”
डॉ. दत्ता के अनुसार, सुरक्षा ऑडिट के दौरान कैंपस में लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति की विस्तृत पड़ताल की जाएगी। उन्होंने बताया कि “कहां-कहां कितने सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, इनमें कितने चालू अथवा खराब हैं, इसकी जानकारी जुटायी जाएगी।” इसके अलावा सुरक्षा गार्डों की सक्रियता और तैनाती की भी समीक्षा होगी।
रजिस्ट्रार ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था के लिए कितने अतिरिक्त सुरक्षा गार्डों की जरूरत है, इसका भी आकलन किया जाएगा। पूरी समीक्षा के बाद रिपोर्ट उच्च शिक्षा विभाग को भेजी जाएगी। सुरक्षा समीक्षा के साथ विश्वविद्यालय के प्रशासनिक और शैक्षणिक रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में हैं।
पिछले तीन वर्षों की कार्यकारी परिषद (EC) बैठकों के मिनट्स व विस्तृत विवरण तथा पिछले 10 वर्षों के पीएचडी दाखिले का रिकॉर्ड उच्च शिक्षा विभाग को देना होगा। रात में कैंपस में आवाजाही और जमावड़े पर नए प्रतिबंधों के बीच रजिस्ट्रार स्वयं रात में परिसर का निरीक्षण कर रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि प्रशासन फिलहाल सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल मजबूत करने पर विशेष जोर दे रहा है।

