

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के संयुक्त प्रवेश परीक्षा(JEE) बोर्ड ने BTech दाखिले को लेकर अपने 27 अगस्त के फैसले में बदलाव कर दिया है। अब सेंट्रलाइज्ड ऑनलाइन काउंसलिंग के जरिए BTech में एडमिशन ले चुके छात्र भी खाली सीटों के लिए होने वाली कॉमन ऑनलाइन डीसेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग में शामिल हो सकेंगे।
बोर्ड ने यह फैसला छात्रों और शिक्षकों की ओर से उठाई गई आपत्तियों के बाद लिया है। रविवार को जारी नोटिस में JEE बोर्ड ने कहा कि विभिन्न पक्षों से मिले अनुरोधों पर विचार करने के बाद पहले से एडमिशन ले चुके उम्मीदवारों को डीसेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग में शामिल होने की अनुमति दी गई है।
इसके साथ ही 27 अगस्त को जारी वह फैसला संशोधित माना जाएगा, जिसमें ऐसे उम्मीदवारों को डीसेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग से बाहर रखा गया था। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि काउंसलिंग की संशोधित अधिसूचना और पूरा कार्यक्रम जल्द जारी किया जाएगा।
उच्च रैंक वाले छात्रों को पसंदीदा कॉलेज या कोर्स चुनने का मिलेगा मौका
JU के कई शिक्षकों ने बोर्ड के पुराने फैसले पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि पहले से दाखिला ले चुके छात्रों को डीसेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग से बाहर करने पर उच्च रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवार अपने पसंदीदा कॉलेज या विषय में अपग्रेड का अवसर खो सकते थे।
JU के इंजीनियरिंग फैकल्टी के एक प्रोफेसर के मुताबिक, बंगाल JEE में शीर्ष 600 के भीतर रैंक पाने वाले कई छात्रों को सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग के जरिए JU के BTech पाठ्यक्रमों में दाखिला मिलता है।
पिछले साल तक कॉलेजों को खाली सीटें भरने की थी अनुमति
सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग के बाद BTech की सीटें खाली रहने पर पिछले वर्ष तक उच्च शिक्षा विभाग संस्थानों को डीसेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग के जरिए इन सीटों को भरने की अनुमति देता था। शिक्षकों के अनुसार, JU और CU जैसे संस्थानों में इस प्रक्रिया के दौरान पहले से दाखिला ले चुके छात्रों को अपनी पसंद अपग्रेड करने का अवसर मिलता था।
इससे बेहतर रैंक वाले उम्मीदवारों को अपनी पसंदीदा स्ट्रीम में जाने का मौका मिलता था। शिक्षकों ने आशंका जताई थी कि पुराने नियम से मेधावी छात्रों के विकल्प सीमित होने के साथ दाखिले के मानकों पर भी असर पड़ सकता था। अब JEE बोर्ड के फैसले में बदलाव से पहले से दाखिला ले चुके छात्रों के लिए भी खाली सीटों पर बेहतर विकल्प पाने का रास्ता खुल गया है।