51 जिंदगियों को मिला नया सवेरा

जलसूत्र परिवार और नरसिम्हा फाउंडेशन का भव्य सामूहिक विवाह
51 जिंदगियों को मिला नया सवेरा
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सन्मार्ग संवाददाता

​बागनान : सेवा और समर्पण की एक अविस्मरणीय गाथा रचते हुए,  जलसूत्र परिवार और नरसिम्हा फाउंडेशन ने मिलकर पश्चिम बंगाल के बागनान स्थित नरसिम्हा फाउंडेशन के आश्रम में 9 नवंबर 2025 को 51 जोड़ों का भव्य सामूहिक विवाह संपन्न कराया।

जलसूत्र परिवार और नरसिम्हा फाउंडेशन के प्रमुख कर्ता-धर्ता सुजीत अग्रवाल, विजय चौधरी और श्रीकांत मुरारका ने 51 जोड़ों के सामूहिक विवाह का जो पुण्य सपना देखा था, वह जब 9 नवंबर को बागनान आश्रम में साकार हुआ, तो यह दृश्य देखकर हर कोई भाव-विभोर हो गया। यह समारोह सिर्फ एक विवाह कार्यक्रम नहीं था, बल्कि समाज के लिए प्रेम, आस्था और सेवा का एक बड़ा संदेश था, जिसने 51 गरीब और जरूरतमंद परिवारों के सपनों को साकार किया।

​ श्याम बाबा के आह्वान से हुई मंगल शुरुआत

​इस शुभ कार्य की शुरुआत किसी अन्य दिन नहीं, बल्कि 8 नवंबर की रात को हुई, जब विवाह समारोह की पूर्व संध्या पर आश्रम परिसर में बाबा श्याम का अलौकिक कीर्तन आयोजित किया गया। ​समस्त वातावरण को भक्तिमय बनाते हुए, आयोजकों और उपस्थित श्रद्धालुओं ने मिलकर बाबा श्याम (खाटू श्याम जी) का आह्वान किया। यह कीर्तन इस पवित्र बंधन की नींव बना, जिसमें सभी ने श्याम बाबा से नव-विवाहित जोड़ों के सुखी और समृद्ध जीवन के लिए आशीर्वाद मांगा। यह आध्यात्मिक शुरुआत दर्शाती है कि यह कार्य केवल सामाजिक नहीं, बल्कि ईश्वर को साक्षी मानकर किया गया एक पुण्य कार्य था।

कोलकाता के श्याम प्रेमियों का उमड़ा सैलाब

​सामूहिक विवाह समारोह के मुख्य दिन, यानी 9 तारीख को, आश्रम में कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में श्याम प्रेमी सुबोध अग्रवाल, बिमल मोदी,आशीष मुरारका, आनंद हिम्मतसरिया सहित श्याम देवरा एवं विनीत अग्रवाल आशीर्वाद देने पहुंचे।इस कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री श्याम प्रेम मंडल एवं प्रयास ने भरपूर साथ दिया।

इस महापर्व की मीडिया कवरेज में सन्मार्ग ने अपनी महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई, 35MM और SCI चैनल की टीम इस महान सामाजिक पहल के सफल भागीदार भी बने, जिन्होंने अपने सक्रिय सहयोग से इस पुण्य कार्य को जन-जन तक पहुँचाया। कार्यक्रम का कुशल संचालन ईशा शर्मा ने किया |

​कोलकाता, जो अपनी धार्मिक आस्था और सेवा भाव के लिए प्रसिद्ध है, वहाँ के भक्तों ने इस समारोह को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने न केवल अपनी उपस्थिति से समारोह को गौरव प्रदान किया, बल्कि अपनी भागीदारी और सहयोग से इस महान सामाजिक पहल को और भी मजबूत बनाया।

 सेवा का भाव: खाटू से पधारे महेंद्र सिंह चौहान ने नरसिम्हा फाउंडेशन और जल सूत्र परिवार के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यह सिर्फ कन्यादान नहीं, बल्कि समाज के प्रति सच्ची सेवा का उदाहरण है।

51 जोड़ों को मिला नया जीवन

​परंपरागत रीति-रिवाजों और मंत्रोच्चार के बीच, 51 जोड़ों ने एक-दूजे का हाथ थामा। जलसूत्र परिवार एवं नरसिम्हा फाउंडेशन ने यह सुनिश्चित किया कि हर नव-जोड़े को गृहस्थी शुरू करने के लिए आवश्यक सामग्री और आशीर्वाद मिले।

​यह सामूहिक विवाह निर्धन परिवारों के लिए एक बड़ा सहारा बनकर आया, जिसने उन्हें अपनी बेटियों का विवाह धूमधाम और सम्मान के साथ करने का अवसर दिया।

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