‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ या ‘एक्सट्रीमिज्म’, खुद तय करे जादवपुर : उच्च शिक्षा मंत्री

जादवपुर के भविष्य पर जगन्नाथ चट्टोपाध्याय की कड़ी चेतावनी
जगन्नाथ चट्टोपाध्याय
जगन्नाथ चट्टोपाध्याय
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कोलकाता : जादवपुर विश्वविद्यालय को लेकर जारी विवाद के बीच राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने विश्वविद्यालय को लेकर कड़ा संदेश दिया। हाल ही में डायमंड हार्बर महिला विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में शामिल होने के बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अब जादवपुर को ही तय करना होगा कि वह देश में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में जाना जाएगा या ‘सेंटर ऑफ एक्सट्रीमिज्म’ के तौर पर।

मंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय में हालिया घटनाओं को लेकर जिस तरह विवाद बढ़ा है, उसे आसानी से खत्म नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जादवपुर किस दिशा में आगे बढ़ेगा और उसकी प्रतिष्ठा कायम रहेगी या बदनामी के साथ उसका नाम लिया जाएगा, इसका फैसला विश्वविद्यालय से जुड़े सभी पक्षों को करना होगा।

हालांकि, उन्होंने सभी विद्यार्थियों को विवाद में शामिल मानने से इनकार किया। जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने कहा कि विश्वविद्यालय के 14-15 हजार विद्यार्थियों में उपद्रवी छात्रों की संख्या एक हजार से भी कम है। उन्होंने सभी से विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा बनाए रखने की अपील की।

डायमंड हार्बर महिला विश्वविद्यालय के पिछले डेढ़ दशक के सफर पर भी उन्होंने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इस बार का दीक्षांत समारोह अलग है। छात्राएं खुले और स्वतंत्र माहौल में उपाधि लेने आई हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये छात्राएं आगे देश-विदेश में बंगाल की दूत बनकर राज्य का नाम रोशन करेंगी।

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