कोलकाता : आईएसएफ प्रमुख और भांगड़ के विधायक नौशाद सिद्दीकी ने सोमवार को विधानसभा में राज्य सरकार और तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में गिरफ्तार टीएमसी नेताओं के साथ जिस तरह का व्यवहार किया जा रहा है, वह कानून के शासन और न्यायिक प्रक्रिया की भावना के अनुरूप नहीं है।
नौशाद ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने से पहले सार्वजनिक रूप से अपमानित करना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि गिरफ्तार नेताओं और विधायकों को कमर में रस्सी बांधकर ले जाया जा रहा है, जबकि इस पूरे मामले पर तृणमूल का लीगल सेल चुप्पी साधे हुए है।
उन्होंने सवाल किया कि पार्टी अपने नेताओं के कानूनी अधिकारों की रक्षा के लिए आगे क्यों नहीं आ रही है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी ने अपराध किया है तो उसे कानून के अनुसार कठोरतम सजा मिलनी चाहिए, लेकिन सजा के नाम पर किसी प्रकार का सार्वजनिक अपमान या अमानवीय व्यवहार उचित नहीं ठहराया जा सकता।
नौशाद ने कहा कि राज्य में सामने आए भ्रष्टाचार के मामलों और उनसे जुड़े आरोपों पर विधानसभा के बजट सत्र में गंभीर चर्चा होनी चाहिए। उनके अनुसार, जिन नेताओं पर आरोप लगे हैं, उन्हें अपनी राजनीतिक और नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। साथ ही हॉकर्स और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर भी उन्होंने सरकार की आलोचना की।
उनका कहना था कि प्रभावित लोगों के लिए पुनर्वास और वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था किए बिना उन्हें हटाना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध करने वालों पर बल प्रयोग किया जा रहा है, जिसकी आईएसएफ कड़ी निंदा करती है।