

सन्मार्ग संवाददाता
हावड़ा : सीआईडी की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने हावड़ा रेलवे स्टेशन के ओल्ड कॉम्प्लेक्स के सामने छापेमारी अभियान चलाकर अंतर्राष्ट्रीय मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करने के साथ ही एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। इस दौरान सीआईडी की टीम ने 20 वर्षीय बांग्लादेशी युवती को तस्कर के चंगुल से मुक्त कराया। अधिकारियों ने मौके से एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। अभियुक्त का नाम चिन्मय दास (56) है। वह उत्तर 24 परगना जिले के बनगांव थाना अंतर्गत खोयरमारी गांव का निवासी है। अभियुक्त के खिलाफ फॉरेनर्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
क्या है पूरा मामला
सीआईडी सूत्रों के अनुसार, मंगलवार की शाम करीब 4.45 बजे गुप्त सूत्रों से सूचना मिली कि हावड़ा स्टेशन पर एक युवती को मानव तस्करी कर मुंबई ले जाया जा रहा है। सीआईडी अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ओल्ड कॉम्प्लेक्स स्टेशन परिसर के बाहर एक व्यक्ति को एक युवती के साथ संदिग्ध अवस्था में घूमते हुए देखा।
जब अधिकारियों ने दोनों से पूछताछ की, तो उनके जवाबों में विसंगतियां पाई गईं, जिससे अधिकारियों को संदेह हुआ। अभियुक्त से सख्ती से पूछताछ की जाने पर उसने पूरी घटना का खुलासा किया। सीआईडी सूत्रों के अनुसार, अभियुक्त ने बताया कि उद्धार की गई युवती बांग्लादेश के जेसोर जिला अंतर्गत रूपदिया काचुआ गांव की रहने वाली है। आरोप है कि उसे अच्छी नौकरी का झांसा देकर मुंबई ले जाने की योजना थी। युवती को एक व्यक्ति ने नदिया जिले के बगुला गांव के सीमांत इलाके से सियालदह पहुंचाया। इसके बाद एक दूसरे व्यक्ति ने उसे सियालदह स्टेशन से हावड़ा लाकर चिन्मय के हवाले कर दिया। सूत्रों के अनुसार, चिन्मय को युवती को मुंबई पहुंचाना था, लेकिन उससे पहले ही सीआईडी अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला है कि चिन्मय दास पहले कपड़ों का व्यवसाय करता था, लेकिन हाल के दिनों में वह घर पर सिलाई का काम करता था। कुछ समय पहले उसकी पहचान बनगांव के टालीखोला निवासी अफजल से हुई थी, जो सीमा पार से आने वाले बांग्लादेशी नागरिकों को उसके हवाले करता था।
चिन्मय का काम उन्हें तय स्थान तक पहुंचाना था, जिसके बदले उसे प्रति व्यक्ति एक हजार रुपये मिलते थे। मंगलवार को अफजल ने उसे एक मोबाइल नंबर देकर हावड़ा जाने को कहा था। जैसे ही चिन्मय स्टेशन के बाहर पहुंचकर उस नंबर पर फोन करने लगा, उसी दौरान पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। बुधवार को आरोपित को हावड़ा अदालत में पेश किया गया, जहां न्यायाधीश ने उसे सात दिनों की पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया।