बड़ाबाजार में नकली नोटों से ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार

20 लाख रुपये के नकली नोटों के बंडल बरामद
गिरफ्तार अभियुक्तों की तस्वीर
गिरफ्तार अभियुक्तों की तस्वीर
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अदालत ने अभियुक्तों को 8 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेजा

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : महानगर के व्यस्त बड़ाबाजार इलाके में नकली नोटों के जरिए ठगी करने के कथित मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिवा थापा, सुनील कुमार वर्मा, गोपाल गुर्जर और विजय पाल तंवर के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी राजस्थान के नागौर और चूरू के रहनेवाले हैं। बुधवार को सभी आरोपियों को बैंकशाल अदालत में पेश किया गया, जहां सुनवाई के बाद उन्हें 8 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया गया।

अदालत में सुनवाई के दौरान सरकारी वकील दीप नारायण पात्राशी ने आरोपियों की कथित ठगी के तरीके के बारे में जानकारी दी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी 20 लाख रुपये के नोटों के ऐसे बंडल तैयार करते थे, जिसके ऊपर और नीचे 500 रुपये के असली नोट रखे जाते थे, जबकि बीच के हिस्से में नोटों की जगह सादे कागज भरे होते थे। बंडल को असली दिखाने के लिए उस पर एक निजी बैंक का लोगो भी लगाया जाता था। पुलिस सूत्रों के अनुसार बड़ाबाजार थाना प्रभारी पापिंदर सिंह रंधावा के नेतृत्व में एसआई राज कुमार घोष, एसआई पन्नालाल गुरिया, एसआई अरशद अली और एसआई बुबाई पात्रा ने गुप्त सूचना के आधार पर पहले दो अभियुक्तों को पकड़ा। उन लोगों से पूछताछ के बाद बाकी लोगों को पकड़ा गया।

अभियुक्तों के पास से बरामद रुपये
अभियुक्तों के पास से बरामद रुपये

ठगी के नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस

पुलिस को आशंका है कि इस मामले के पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय हो सकता है। जांचकर्ताओं का उद्देश्य आरोपियों से पूछताछ कर ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाना और इस मामले में अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका की जांच करना है। अभियोजन पक्ष ने जांच को आगे बढ़ाने और गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने के लिए आरोपियों की पुलिस हिरासत की मांग की थी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने चारों आरोपियों को 8 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। पूछताछ के दौरान गिरोह के काम करने के तरीके, संभावित सहयोगियों और ठगी से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।

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