

कोलकाता : भगवान अग्रसेन जयंती के अवसर पर महाराजा अग्रसेन धाम, कोलकाता की ओर से समाज के सभी लोगों को शुभकामनाएँ दी गईं। भगवान अग्रसेन का जीवन सेवा, समानता, अहिंसा और सामाजिक समरसता का संदेश देता है।
अग्रवाल समाज के जनक के रूप में प्रतिष्ठित महाराजा अग्रसेन ने ऐसी व्यवस्था की कल्पना की, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान, अवसर और आत्मनिर्भरता का अधिकार मिले। परंपरागत मान्यताओं के अनुसार, महाराजा अग्रसेन का जन्म प्रतापनगर के सूर्यवंशी राजपरिवार में महाराजा वल्लभ और महारानी भगवती देवी के यहाँ हुआ था।
उनका विवाह नागवंशी राजा कुमुद की पुत्री महारानी माधवी से हुआ। उनके विचारों में लोककल्याण और सामाजिक उत्तरदायित्व को विशेष स्थान प्राप्त था।
‘एक ईंट, एक रुपया’ के सिद्धांत में छिपा सामूहिक विकास का मंत्र
नका प्रसिद्ध सिद्धांत ‘एक ईंट, एक रुपया’ सामूहिक सहयोग की भावना का प्रतीक है। इसके तहत नए परिवारों को घर बसाने और कारोबार शुरू करने में सहायता देने की परिकल्पना की गई, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। अहिंसा, नैतिक व्यापार और जरूरतमंदों की सहायता भी उनके दर्शन के प्रमुख आधार हैं।
महाराजा अग्रसेन धाम में सेवा और सामाजिक उत्थान पर जोर
भगवान अग्रसेन के आदर्शों को साकार करने के उद्देश्य से पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के बागनान स्थित घोराघाटा में लगभग 100 एकड़ में महाराजा अग्रसेन धाम विकसित किया जा रहा है।
यहाँ मेडिकल सेंटर, मनोविकास केंद्र, दिव्यांग सेवा केंद्र, वरिष्ठ नागरिक निकेतन और कौशल विकास केंद्र जैसी सुविधाएँ संचालित हैं। विद्यालय, महालक्ष्मी मंदिर और गौशाला सहित अन्य परियोजनाएँ विकासाधीन हैं।
जन्मोत्सव के तहत 9 अक्टूबर 2026 को आयोजित ‘सेवा का महाकुंभ’ में लगभग 10,000 लोगों ने भाग लिया। तीन दिवसीय आयोजन का समापन 11 अक्टूबर को पार्क स्ट्रीट स्थित धाम कार्यालय में हुआ। आयोजन ने शिक्षा, स्वास्थ्य, आत्मनिर्भरता और सामाजिक एकता के माध्यम से भगवान अग्रसेन के आदर्शों को अपनाने का संदेश दिया।