

कोलकाता : फीफा विश्व कप फाइनल के उत्साह का असर सोमवार को पश्चिम बंगाल के स्कूलों में साफ दिखाई दिया। राज्य सरकार द्वारा शनिवार को जारी किए गए निर्देश के अनुसार रविवार देर रात फुटबॉल फाइनल देखने के कारण यदि छात्र या शिक्षक सोमवार को विद्यालय नहीं पहुंचते हैं तो उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
इस निर्णय के बाद राज्य के स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम रही। स्कूलों से मिली जानकारी के अनुसार कई शिक्षण संस्थानों में छात्रों की उपस्थिति में 30 से 40 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
कुछ विद्यालयों में कई शिक्षक भी अनुपस्थित रहे, हालांकि पूर्व निर्धारित व्यवस्था के तहत शैक्षणिक गतिविधियां जारी रखी गईं। जहां छात्रों की संख्या कम रही, वहां नियमित कक्षाओं के बजाय पुनरावृत्ति, परियोजना कार्य और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों पर अधिक जोर दिया गया।
विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि राज्य सरकार के निर्देश के कारण अनुपस्थित छात्रों के विरुद्ध किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई और उनकी अनुपस्थिति को लेकर कोई दंडात्मक कदम नहीं उठाया गया। कई अभिभावकों ने भी स्वीकार किया कि बच्चे देर रात तक विश्व कप फाइनल देखने के कारण सोमवार सुबह समय पर स्कूल नहीं जा सके।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में फुटबॉल के प्रति लोगों का विशेष लगाव रहा है। विश्व कप फाइनल को लेकर पूरे राज्य में जबरदस्त उत्साह देखा गया था। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि सोमवार को मैच देखने के कारण अनुपस्थित रहने वाले छात्रों और शिक्षकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी।
शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि सरकार के इस फैसले से छात्रों और शिक्षकों को राहत मिली, हालांकि इसका सीधा असर सोमवार को स्कूलों में उपस्थिति पर देखने को मिला, जहां अधिकांश विद्यालयों में कक्षाएं सामान्य दिनों की तुलना में काफी खाली नजर आईं।