

प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता: चुनावी सरगर्मी के बीच तृणमूल कांग्रेस से निलंबित भरतपुर विधायक हुमायूं कबीर और सीपीएम के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम की गोपनीय बैठक ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है।
सूत्रों के मुताबिक, बुधवार रात न्यूटाउन के एक होटल में करीब एक घंटे तक बंद कमरे में दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई। हालांकि, बैठक के बाद किसी ने भी चर्चा के विषय या संभावित गठबंधन को लेकर कुछ नहीं कहा। गौरतलब है कि 22 दिसंबर को हुमायूं कबीर ने 'जनता उन्नयन पार्टी' नाम से नई राजनीतिक पार्टी की घोषणा की थी। 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने संकेत दिया था कि उनकी पार्टी मिम, सीपीएम और आईएसएफ जैसी पार्टियों के साथ गठबंधन कर सकती है। खुद हुमायूं कबीर ने इन नामों का उल्लेख भी किया था। ऐसे में सीपीएम नेता सलीम के साथ हुई यह मुलाकात राजनीतिक विशेषज्ञों की नजर में बेहद अहम मानी जा रही है और इसे संभावित गठबंधन की दिशा में बड़ा संकेत माना जा रहा है।
सलीम ने कहा कि आगामी चुनाव में सीट बंटवारे के प्रस्ताव पर माकपा के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे के भीतर चर्चा की जाएगी। सलीम ने कहा, ‘‘हम इस प्रस्ताव पर वाम मोर्चे में चर्चा करेंगे। उसके बाद मोर्चे से बाहर की वामपंथी पार्टियों के साथ और फिर आईएसएफ के साथ चर्चा करेंगे।’’
माकपा के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे ने पश्चिम बंगाल में 2021 का विधानसभा चुनाव इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) के साथ गठबंधन में लड़ा था, लेकिन पार्टी चुनाव में अपना खाता भी नहीं खोल सकी। आईएसएफ नेता नौशाद सिद्दीकी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अलावा एकमात्र विपक्षी विधायक बन गए हैं।
कबीर के साथ अपनी मुलाकात को उनके इरादों को समझने का प्रयास बताते हुए माकपा नेता ने कहा कि कई पार्टियां ऐसी हैं जिन्होंने अब तक विधानसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे की व्यवस्था पर कोई फैसला नहीं लिया है। गठबंधन की चर्चा से इनकार करते हुए सलीम ने कहा, ‘‘मैं उनसे जानना चाहता था कि वह क्या करना चाहते हैं और उनका उद्देश्य क्या है।’’
तृणमूल कांग्रेस द्वारा निलंबित कबीर ने इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया लेकिन कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए संभावित गठबंधन पर चर्चा हुई थी। अक्सर अपनी बेबाक टिप्पणियों के कारण विवादों में घिरे रहने वाले कबीर ने कहा, ‘‘मैंने सलीम साहब से आग्रह किया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि गठबंधन गठन की प्रक्रिया 15 फरवरी तक पूरी हो जाए।’’
नवगठित पार्टी के नेता ने दावा किया कि चर्चाएं सार्थक रहीं। कबीर ने कहा कि उन्होंने सलीम से गठबंधन के संबंध में आईएसएफ नेतृत्व से बात करने का अनुरोध किया था। कबीर ने यह भी कहा कि आगामी चुनाव के लिए उनकी पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) से गठबंधन के बारे में बातचीत कर सकती है।