

रामबालक, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कोलकाता के व्यस्त बेंटिंक स्ट्रीट के एक फुटपाथ पर पिछले चार दशकों से एक छोटा-सा टेबल रोज सजता है। यहीं बैठकर हावड़ा के तपन दास लोगों का ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर मापते हैं। वे डॉक्टर नहीं हैं, न ही उन्होंने कोई औपचारिक चिकित्सा शिक्षा ली है, लेकिन हाथों-हाथ सही तरीके से जांच करना उन्हें आता है। इसी ज्ञान के भरोसे चल रहा है उनका ‘फुटपाथ का चैंबर’। तपन दास के पिता गोपाल दास एक निजी कंपनी में काम करते थे। आर्थिक तंगी के कारण तपन ज्यादा पढ़ाई नहीं कर पाए और चौथी कक्षा के बाद उनकी पढ़ाई छूट गई। 18–19 साल की उम्र में उन्होंने एक डॉक्टर के सहायक के रूप में काम किया। वहां रहते हुए उन्होंने प्रेशर और शुगर जांच करना सीख लिया। कुछ ही महीनों में आत्मविश्वास इतना बढ़ा कि उन्होंने खुद यह सेवा शुरू करने का फैसला किया। साल 1992 में तपन हावड़ा मैदान से बेंटिंक स्ट्रीट पहुंचे और स्थानीय हाकर यूनियन से बात कर फुटपाथ पर बैठने की अनुमति ली। तब से लेकर आज तक, सरकारें बदलीं, रास्ते बदले, लेकिन तपन का ठिकाना नहीं बदला। पहले वे बस से आते थे, अब मेट्रो से महाकरण स्टेशन तक आते हैं, लेकिन रोज पैदल चलकर और काम का समय वही है—सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक। आज वे 20 रुपये में ब्लड प्रेशर और 50 रुपये में ब्लड शुगर की जांच करते हैं। शुरुआत में यही काम 2 और 5 रुपये में करते थे। आसपास के सरकारी और निजी दफ्तरों के कर्मचारी उनके नियमित ग्राहक हैं। कोरोना काल के बाद ग्राहक कम जरूर हुए हैं, लेकिन सेवा जारी है। तपन किसी को दवा नहीं देते। जांच के बाद रिपोर्ट खराब होने पर डॉक्टर से मिलने की सलाह देते हैं। उनका कहना है कि लोग नियमित जांच कराएं, सेहत के प्रति जागरूक रहें—तभी उनका भी घर चलेगा और लोगों का भरोसा भी बना रहेगा।
आकर्षण केंद्र बना ‘फुटपाथ का चैंबर’
कमाल की बात है कि फुटपाथ के इस चैंबर में प्रतिदिन बहुत लोग आकर सेहत की जांच कराते हैं। कई बार तो सरेराह चलते चलते लोग प्रेशर जांच करवा रहे हैं।