

राज्य ने माना की घटी है इस तरह की घटनाएं जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता कोलकाता : अब निजी लोग भी बुलडोजर यानी जेसीबी मशीन का इस्तेमाल करते हुए न्याय करने लगे हैं। यह सब दुकानों को खाली करने के लिए किया जा रहा है। जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई करते हुए सवाल किया कि उन्हें कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार कहां से मिल गया है। जस्टिस भट्टाचार्य ने अपनी नाराजगी जताते हुए राज्य से सवाल किया कि यह सब क्या हो रहा है। उन लोगों ने जेसीबी का इस्तेमाल कैसे किया। जस्टिस भट्टाचार्य ने कहा कि अगर उन्होंने अवैध रूप से ही दखल किया है तो उन्हें हटाने के लिए कानून का रास्ता अख्तियार क्यों नहीं किया गया। जस्टिस भट्टाचार्य ने कहा कि सत्ता परिवर्तन के बाद पुलिस मूकदर्शक बनकर रह गई है। एडिशनल एडवोकेट जनरल ने कोर्ट से कहा कि पेटीशनरों को उनके स्थान पर पुनर्स्थापित कर दिया गया है। इसके बाद ही जस्टिस भट्टाचार्य ने एक दूसरी घटना का जिक्र किया। जस्टिस भट्टाचार्य ने कहा कि एक दुकानदार से दुकान खाली करने के लिए उसकी दीवार में एक बड़ा सा सुराख कर दिया गया था। एडिशनल एडवोकेट जनरल ने कहा कि गलती सुधार दी गई है। जस्टिस भट्टाचार्य ने कहा कि इसीलिए कोर्ट ने इस मामले में दखल नहीं दिया है। जवाब में एडिशनल एडवोकेट जनरल ने कहा कि यह कोर्ट की महिमा है। कोर्ट ने कहा कि बगैर किसी कोर्ट के आदेश के इन दुकानदारों को दुकान से बेदखल कर दिया गया था।