

जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता कोलकाता : हाई कोर्ट के जस्टिस शंपा सरकार और जस्टिस तीर्थंकर घोष के डिवीजन बेंच ने खरदह थाने के आईसी को तलब किया है। उनके साथ ही सोमनाथ दे के खिलाफ दर्ज मामले की जांच कर रहे आईओ को भी एक अक्टूबर को कोर्ट में आना पड़ेगा। कोर्ट जानना चाहता है कि इस मामले की जांच क्यों और किस तरह शुरू की गई है। बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई आरजीकर की डॉक्टर की मां ने खरदह थाने में एक शिकायत दर्ज कराई थी। इसी सिलसिले में पानीहाटी नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन सोमनाथ दे को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि इस मामले में दर्ज की गई शिकायत को कोर्ट ने देखा है और उसके बाद इस नतीजे पर पहुंचा है कि आईसी और आईओ को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया जाए। कोर्ट ने कहा है कि उसे इस मामले में स्पष्टीकरण चाहिए। इस मामले की जांच कैसे शुरू हो गई जबकि यह बेंच इस मामले में सीबीआई जांच की मॉनीटरिंग कर रहा है और सीबीआई बकायदे रिपोर्ट दाखिल कर रही है। सीबीआई इस मामले से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही है। बेंच ने कहा है कि इस मामले में केसडायरी भी पेश की जाए। बेंच ने अपने आदेश में कहा है कि सोमनाथ दे के खिलाफ दायर मामला उस घटना से जुड़ा हुआ है जिसकी जांच सीबीआई कर रही है और जांच जारी है। इस मामले में डॉक्टर की मां की तरफ से पैरवी कर रहे एडवोकेट जयंत नारायण चटर्जी की दलील थी कि मौजूदा स्थिति में न तो जांच रोकी जा सकती है न ही इसे ट्रांसफर किया जा सकता है। यह मामला सीबीआई को जांच सौपी जाने के बाद घटी घटनाओं से जुड़ा हुआ है। यह दोनों मामले अलग-अलग हैं और जांच का दायरा भी अलग-अलग है।