हाई कोर्ट मे रिट शुभेंदु के खिलाफ एफ आईआर क्यों नहीं

अभी प्राथमिक जांच हो रही है : राज्य
हाई कोर्ट मे रिट शुभेंदु के खिलाफ एफ आईआर क्यों नहीं
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जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ एफ आई आर क्यों नहीं दर्ज हो रही है। यह सवाल उठाते हुए हाई कोर्ट में एक रिट दायर की गई है। शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ बालीगंज में एक रैली के दौरान उकसावे वाला भाषण देने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में बालीगंज थाने में एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने बृहस्पतिवार को मामले की सुनवाई के बाद पेटीशनर और राज्य को एफिडेविट दाखिल करने का आदेश दिया है।

सैनिक सूर ने यह रिट दायर की है. इस मामले में राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि अभी इसकी प्रारंभिक जांच हो रही है। संज्ञेय अपराध साबित होने के बाद ही एफआईआर दर्ज की जाएगी। इसमें आरोप लगाया गया है की रैली के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने कहा था की धर्मनिरपेक्षता भाड़ में जाए, हिंदू हिंदू भाई हैं। शुभेंदु अधिकारी की तरफ से बहस करते हुए एडवोकेट विल्वादल भट्टाचार्या ने कहा कि पूरे भाषण को संदर्भ में लेकर मामला दायर किया जाना चाहिए। भाषण के कुछ अंश को समेट कर एक रिट बनाकर मामला दायर किया गया है। उन्होंने इस मामले की ग्रहणयोग्यता पर सवाल उठाया। उन्होंने बहस के दौरान सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला दिया। जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने सवाल किया कि अगर जज एफआईआर खारिज करने का आदेश दे सकता है तो फिर फिर एफआईआर दर्ज करने का आदेश क्यों नहीं दे सकता है। एडवोकेट भट्टाचार्य की दलील थी की संज्ञेय अपराध बनता है या नहीं यह फैसला मजिस्ट्रेट करता है। बहरहाल जस्टिस भट्टाचार्य ने सभी पक्षों को एफिडेविट दाखिल करने का आदेश दिया है। यहां गौरतलब है कि शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के मामले में हाई कोर्ट ने एक आदेश दे रखा है। इसके लिए कोर्ट से अनुमति लेनी पड़ती है।

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